Saturday, April 11, 2015

मेरी बहन को लगी चुदाई की आग

हैलो दोस्तो, आप सभी को मेरा सलाम, नमस्कार !
मेरा नाम सुशील  है, प्यार से सभी मुझे टिंकू  बुलाते हैं, मैं दिल्ली  का रहने वाला हूँ।
आज़ मैं आपको अपनी असली कहानी बताने जा रहा हूँ।
 मेरे घर में हम चार लोग रहते हैं- पापा, माँ, दीदी और मैं।
हमारी घर की हालत अच्छी नहीं थी, तो मैं, मेरी माँ और दीदी हम गाँव से दूर काम के लिए आए थे और पिताजी हफ़्ते में या दो हफ़्ते में हमसे मिलकर जाते थे, क्योंकि उन्हें गाँव की तरफ़ खेती भी देखनी पड़ती थी।
जब हम शहर में आ गए तो माँ को एक अच्छा सा काम मिल गया। उनको उस काम के पैसे भी अच्छे मिल रहे थे।
मैंने भी एक काम देख लिया और बी.कॉम में दाखिला भी ले लिया।
दीदी दिन भर घर पर ही रहती थीं, पैसे अच्छे आने लगे तो हमने दो कमरे का घर ले लिया, लेकिन अधिक पैसे नहीं थे इसलिए दीदी की शादी भी नहीं हो रही थी।
बात तब की है जब मैं बी.कॉम तीसरे वर्ष में था और मेरी दीदी अपनी पढ़ाई पूरी कर चुकी थीं।
दीदी की उम्र 23 साल थी और मैं 21 साल का था।
मेरी दीदी दिखने में बहुत ही सुन्दर है, उसका फ़िगर तो कमाल का है 36 के चूचे और 26 की कमर और 36 की पिछाड़ी.. क्या कयामत लगती थी वो।
बहुत से लड़के उसे चोदने के चक्कर में रहते, लेकिन दीदी ने कभी भी किसी को पास भी आने नहीं दिया। यहाँ तक कि मैं भी उसे बहुत दिन से चोदना चाहता था।
एक दिन भगवान ने मेरी सुन ली, मैंने नया मोबाइल लिया था और उसमें मैं दीदी को दिखाने के लिये अधनंगी लड़के लड़कियों के फोटो लेकर आता था।
धीरे-धीरे मैंने उसे थोड़े और नंगे फोटो दिख़ाने शुरु कर दिए। पहले तो वो देखने से मना कर देती थी। लेकिन रात को मेरे सो जाने के बाद वो मोबाइल लेकर वो फोटो देखती थी।
एक दिन मैंने उसे सीधे बोल दिया- भाई के सामने क्या शरमाना?
तब मैं उसे और ज्यादा नंगे फोटो दिखाने लगा। कभी-कभी वो मुझे डांट भी देती, मगर प्यार से, लेकिन चोदूँगा कैसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था।
मैं उसे चोदने की तरकीबें सोचने लगा।
एक दिन मैंने मोबाइल में ब्लू-फ़िल्म लेकर आया, जिसका नाम था ब्रदर-सिस्टर फैंटेसी’.. उसमें भाई को मुठ मारते वक्त उसकी बहन पकड़ लेती है और मैंने जानबूझ कर वो फ़िल्म हटाई नहीं।
दीदी ने रात को मोबाइल लिया और उसने भी वो फ़िल्म देख ली।
दो-तीन दिन उस ने मुझसे ठीक से बात नहीं की।
जब मैंने पूछा तो कुछ भी नहीं बोलती, लेकिन बेचारी कब तक ऐसे रहती।
उसने एक दिन मुझ से पूछ ही लिया- उस दिन मैंने तुम्हारे मोबाइल में वो फ़िल्म देखी थी, क्या सच में ऐसा होता है?
मैंने उसे हाँकहा लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई, मैं निराश सा हो गया, मुझे लगा अब कोई उम्मीद नहीं है।
मैंने और एक तरकीब सोची।
अन्तर्वासना से मैंने एक चचेरे भाई-बहन की चुदाई वाली कहानी का प्रिन्ट निकाल लिया और घर ले जाकर उसी के सामने अपने बैग में रख दिया, पता नहीं उसने वो कब पढ़ी होगी, लेकिन उसने वो पढ़ ली थी।
रोज रात को मैं मुठ मार कर सो जाया करता था, दूसरा कोई रास्ता भी तो नहीं था।
फ़िर एक रात खबर मिली कि मेरे चाचा को हस्पताल में भर्ती करना पड़ा, तो मेरी माँ गाँव चली गई।
उस रात मैंने सोच लिया कि आज पूरी कोशिश करूँगा।
हम दोनों ने रात को खाना खा लिया और टीवी देखने लगे। सर्दी के दिन थे तो हम दोनों पलँग पर ही एक चादर लेकर बैठ गए।
मैं उसके साथ जानबूझ कर सेक्स की बात करने लगा, वो कभी बात करती तो कभी एकदम चुप हो जाती।
तभी मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे दबाने लगा। वैसे तो मैंने बहुत बार हाथ पकड़ा था, लेकिन आज का मजा ही अलग था।
उसने कुछ नहीं कहा, फ़िर मैंने उसे गर्दन पर चूम लिया, तो उसने मुझे झट से धक्का दे दिया और बोली- ये क्या कर रहे हो? तुम मेरे भाई हो.. हम ऐसा नहीं कर सकते।
मैंने उसे कहानी के बारे में याद दिलाया तो उसने कहा- यह गलत है.. अगर किसी को पता चल गया तो हमारी खैर नहीं।
तो मैंने उससे कहा- यहाँ हम दोनों के सिवा कौन है.. जो किसी को यह बात बताएगा.. तुम भी बेवजह चिन्ता कर रही हो।
फ़िर वो कुछ नहीं बोली, तो मैंने उसके होंठों पे होंठ रख दिए और उसे चूमने लगा।
पहले तो वो शान्त रही और फिर बाद में मेरा साथ देने लगी।
होंठ को चूमते-चूमते मैंने उसके चूचे दबाने शुरु किए। उसने थोड़ा सा विरोध किया लेकिन बाद में कुछ नहीं बोली।
फिर मैं उसके दोनों चूचे जोर-जोर से दबाने लगा और उसके होंठों का रसपान करने लगा।
अब वो काफ़ी गरम हो चुकी थी। मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी, उसके चूचे ब्रा के अन्दर कैद बहुत ही मादक लग रहे थे। उनकी गोलाई देख कर मेरी तो आँखें ही फ़ट गईं।
मैं भूखे शेर की तरह उस पर टूट पड़ा।
वो आहें भरने लगी, मैंने उसके मम्मे इतनी जोर से दबा दिए कि उसके मुँह से चीख निकल गई।
उसने कहा- आराम से करो न.. आज रात मैं तुम्हारी ही हूँ।
फिर मैंने उसके दोनों कबूतरों को आजाद किया, उसके भूरे रंग के चूचुकों को देख कर चूसने का बहुत मन किया और मैं उन्हें चूसने लगा।
 एक चूची चूसता और दूसरी को दबा देता, वो आआहहकरके सिसकारियाँ लेने लगी।
उसकी सिसकारियाँ सुन कर मैं और जोश में आ गया।
मैंने धीरे-धीरे एक हाथ पैन्टी के ऊपर से ही चूत पर हाथ रख दिया और हल्का सा दबा दिया।
उसके शरीर में जैसे करेंट लग गया हो। उसका बदन एकदम से थर्राया।
फ़िर मैंने उसकी पैन्टी को खोल दिया और उसे खड़ा किया, खड़े होते ही उसकी पैन्टी नीचे सरका दी।
उसने अपने हाथों से अपनी चूत ढक ली।
तब तक मैंने अपने कपड़े उतार दिए और सिर्फ़ अन्डरवियर में उसके सामने खड़ा हो गया और प्यार से उसका एक मम्मा दबाते हुए उसके हाथ चूत पर से हटा दिए।
उसने हाथ निकालते ही पहले मेरी अन्डरवियर देखी और बोली- यह तो बहुत बड़ा लग रहा है?
मैंने उसे कहा- मेरी जान बड़ा है.. तो मजा भी तो बड़ा ही आने वाला है।
फ़िर मैं उसके पेट को चूमते हुए नीचे की तरफ़ बढ़ा और उसकी चूत के ऊपर हाथ रखा तो वो एकदम गीली हो चुकी थी।
मैं चूत को पहली बार देख रहा था। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर रख दी, उसके शरीर में एक झनझनी सी हुई।
मैं जैसे-जैसे उसकी चूत चूसता.. वैसे ही उसकी सिसकारियाँ ओओआहहकरके निकल रही थीं।
बहुत देर चूत चूसने के बाद मैंने उसे लन्ड चूसने के लिए कहा, लेकिन उसने उसे सिर्फ़ हाथ से मसला और एक चुम्मा ले लिया।
मैं उसके साथ जबरदस्ती नहीं करना चाहता था, इसीलिए मैंने उसे लंड चूसने के लिए ज्यादा दबाव नहीं दिया।
फिर मैंने उसे सीधा लेटाया और लन्ड उसकी चूत पर रख कर रगड़ने लगा।
उसकी चूत से निकले हुए पानी से लन्ड एकदम चिकना हो गया।
फिर मैंने उसकी चूत में लन्ड घुसाना शुरु किया।
 जैसे ही मैंने सुपारे को अन्दर की तरफ़ दबाया, तो उसकी हल्की सी चीख निकल गई।
 मेरा सुपारा गप्पसे अन्दर चला गया। मुझे तुरन्त समझ में आ गया कि यह बहनजी पहले से ही चुदी हुई है।
मैंने एक जोर का धक्का मारा और आधा लन्ड अन्दर चला गया, तब उसकी चीख निकल गई।
उसे दर्द ना हो इसलिए मैंने उसके चूचुकों को मुँह में लेकर चूसने लगा।
थोड़ी देर बाद जब उसने नीचे से कमर उछाल कर संकेत दिया, तब मैंने और एक झटका लगाया।
 इस बार पूरा लन्ड उसकी चूत में उतर चुका था।
इस बार उसने बस एक हल्की सी आआह्ह्ह्ह्हकी चीख निकाली।
मैंने पूरा लन्ड बाहर निकाला और एक ही बार में फिर से पूरा अन्दर डाल दिया।
कुछ देर बाद वो सामान्य हो गई, तब मैंने धक्के लगाने शुरु किए।
मेरे धक्कों के साथ उसकी हल्की आह्ह्ह्हऊह्ह्ह्हकी आहें निकल रही थीं।
उसकी आहें सुन कर मुझे और जोश आया और मैं उसे पूरी ताकत से धक्के मारने लगा।
उसे भी बहुत मजा आ रहा था। कॉम
मैं धक्के मारते-मारते उसके ऊपर झुक गया और अपनी जीभ उसके मुँह में घुसा दी।
 वो भी मेरी जीभ को चूसने लगी।
 कभी मैं उसकी जीभ चूसता तो कभी वो मेरी जीभ चूसती।
करीब 15 मिनट तक उसे चोदने के बाद मेरे लन्ड ने फूलना शुरु किया, मैं समझ गया कि मेरा माल निकलने वाला है।
मैंने लन्ड को चूत से निकाला और दो-तीन बार हाथ से मुठयाया और आगे-पीछे किया, तो मेरी पिचकारियाँ छूट पड़ीं।
पूरा निचुड़ने के बाद मैं उसके बाजू में आकर लेट गया।
उसने मुझसे कहा- मुझे अभी और करना है।
मैं अपनी बहन को प्यासा कैसे छोड़ सकता था, कुछ ही मिनट के बाद मैंने उसकी टाँगें उठाईं और उसकी चूत में दो उँगलियाँ डाल दीं और साथ ही उसकी चूत चूसने लगा।
थोड़ी देर बाद मेरा लन्ड फ़िर से खड़ा हो गया, वो आँखें बन्द करके बस सिसकारियाँ ले रही थी।
 मैंने उँगलियाँ निकाल लीं और लन्ड डाल दिया, उसकी हल्की सी चीख निकल गई, मैंने फ़िर से धक्के लगाने शुरु किए।
इस बार मैंने 20-25 मिनट उसकी चुदाई की और वो एक बार झड़ चुकी थी।
जब मेरा निकलने वाला था तो मैंने लन्ड चूत में गोल-गोल घुमाया और पूरा माल उसी की चूत में डाल दिया।
 मेरा माल अन्दर गिरते ही वो भी झड़ने लगी।
मेरा लन्ड अपने आप चूत से बाहर आ गया, तो लन्ड के साथ ही मेरा माल और उसके माल की 4-5 बूँदें बाहर आ गईं मुझे थोड़ी ही देर में नींद आ गई।
 हम दोनों नंगे ही सो गए।
रात को 2 बजे मेरी नींद खुल गई, वो तो एकदम हाथ पैर पसार के सो रही थी।
मुझे उसकी चूत नजर आते ही मेरे लन्ड ने सलामी दी, मैं फ़िर से उसकी चूत चाटने लगा जिसकी वजह से उसकी नींद खुल गई।
इस बार उसने मेरा लन्ड चूसा लेकिन ज्यादा नहीं और मेरे धक्के फ़िर से शुरु हो गए।
कमरे में फ़िर से आआअह्ह्ह्ह्ह्की सिसकारियाँ गूँजने लगीं।
उस रात मैंने उसे 3 बार चोदा। सुबह उसने मुझसे कहा- भाई, तूने मुझे कल रात को बहुत मजा दिया.. अब हम रोज ही चुदाई करेंगे।
यह सुन कर मुझे भी बहुत खुशी हुई, उसके बाद माँ गाँव से चाचा को देख कर दस दिन बाद आईं, तब तक हमारी रासलीला जारी रही।
 उसके बाद मुझे जब भी मौका मिलता मैं उसे चोद देता।

एक बार मैंने उसकी गान्ड भी मारने की कोशिश की, लेकिन उसे ज्यादा ही दर्द हुआ तो मैंने उसकी गान्ड नहीं मारी।

Friday, March 27, 2015

सेक्सी बहन के साथ गोवा में मजा

हैल्लो फ्रेंड.. में जॉन आप सभी के सामने एक गर्म और सेक्सी स्टोरी लेकर आया हूँ. दोस्तों मेरी उम्र 22 साल है और मेरा कलर साफ, अच्छी बॉडी है.. क्योंकि में हर दिन जिम जाता हूँ. फ़िलहाल में दिल्ली में रहता हूँ और मेरी फेमिली जालंधर में रहती है. में दिल्ली में एक हॉस्टल में रहता हूँ. हमारे कॉलेज के पेपर्स खत्म होने के बाद मेरे दोस्तों ने कहीं बाहर घूमने का प्लान बनाया.. वो दिसम्बर का महिना था और उन्होंने गोवा जाने का प्लान बनाया. तो मैंने कहा कि चलो ठीक है और हम सभी ने दो सप्ताह के लिए गोवा जाने का प्लान बनाया. तो मेरे दोस्तों ने कहा कि हम सभी वहाँ पर अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ चलेंगे और यह बात सुनकर में थोड़ा उदास हुआ.. क्योंकि मेरी गर्लफ्रेंड के साथ मेरा कुछ दिन पहले ही का झगड़ा हुआ था. फिर में सोचने लगा कि अब में क्या करूं? तो अब मेरी समस्या का कोई हल नहीं निकल रहा था. फिर मेरे दोस्तों ने 22 दिसम्बर को जाने के लिया बोला और सब कुछ तय होने के बाद में अपने घर आ गया. फिर जब में घर पर पहुंचा तो माँ घर पर अकेली थी और पापा ऑफिस गए हुए थे और मेरी बहन कॉलेज गयी थी.
दोस्तों अब में अपनी बहन के बारे में आप सभी को बता दूँ.. वो बहुत सुंदर है उसकी उम्र 19 साल है, कलर गोरा, उसका फिगर 34-28-36 है. मैंने अपनी बहन को पिछले 6 महीने से नहीं देखा था.. क्योंकि में कभी कभी अपने घर पर आता हूँ और जब शाम को मेरी बहन कॉलेज से घर वापस आई तो मैंने उसे देखा और मुझे उसमे बहुत कुछ बदला बदला सा लगा. उसकी छाती बहुत अच्छे आकार में आ गई थी और उसकी गांड भी बहुत अच्छे आकार में थी. फिर जब वो मेरे रूम में मुझसे मिलने आई तो उसने नीले कलर की टाईट जिन्स पहनी हुई थी और गहरे नीले कलर का टॉप पहना हुआ था. उसकी जांघे भी बहुत अच्छे आकार में थी और उसकी गांड जीन्स में से हिलती हुई साफ दिख रही थी. अभी तक मैंने अपनी बहन के बारे में कभी भी कुछ बुरा नहीं सोचा था और वो मेरे रूम में आई तो में लेपटॉप पर गेम खेल रहा था. वो आई और कहा कि आप कैसे हो और आप कितने दिनों के बाद आए हो और उसके बूब्स मेरे चेस्ट पर लगे.. लेकिन मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया.. क्योंकि वो मेरी बहन है.
तो मैंने कहा कि में बिल्कुल ठीक हूँ.. लेकिन तुम अपनी सुनाओ. फिर मैंने कहा कि तुम बहुत फिट हो गयी हो और बहुत अच्छी लग रही हो. तो उसने भी कहा कि आपने भी बहुत अच्छी बॉडी बनाई है. फिर हमने थोड़ी देर इधर उधर की बातें की और रात को खाने के टाईम में अपने पापा से मिला.. तो उन्होंने पूछा कि तुम्हारे पेपर कैसे रहे? फिर मैंने कहा कि बहुत अच्छे. तभी थोड़ी देर के बाद मैंने कहा कि पापा मेरे दोस्तों ने दो सप्ताह के लिए गोवा जाने का प्लान बनाया है तो क्या में भी उनके साथ चला जाऊँ? तो पापा ने कहा कि हाँ क्यों नहीं तुम भी जा सकते हो और यह सब हमारी बातें मेरी बहन भी सुन रही थी. फिर खाने के बाद मेरी बहन मेरे रूम में आई और वो कहने लगी कि में भी यहाँ पर बोर हो जाऊंगी.. क्या में भी आप सभी के साथ चलूं? तो मैंने कहा कि नहीं प्रीति वहाँ पर मेरे सभी दोस्त जा रहे है और तुम वहाँ पर जाकर क्या करोगी? तो उसने कहा कि कुछ नहीं होता और फिर वहाँ पर कोई तुम्हारी क्लास की लड़की भी तो आ रही होंगी. तो मैंने कहा कि हाँ आ तो रही है.. तो उसने कहा कि तो में भी चलूंगी.. क्या प्राब्लम है? लेकिन मैंने उससे कहा कि तुम नहीं जा सकती और वो गुस्सा होकर चली गयी. फिर उसने अगले दिन मुझसे बात नहीं की और फिर रात को खाने के बाद में उसके रूम में गया तो मैंने कहा कि प्रीति तुम समझा करो.. तो वो कहने लगी कि मेरे जाने में क्या प्राब्लम है? तो मैंने कहा कि हम सब अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ जा रहे है. तो उसने कहा कि तो अच्छा यह प्राब्लम है.. फिर उसने मुझसे कहा कि तो क्या तुम भी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ जा रहे हो. तो मैंने कहा कि हाँ शायद.. तो उसने कहा कि यह हाँ शायद से क्या मतलब? तो मैंने कहा कि उसका और मेरा झगड़ा हो गया है और मैंने उसे मनाने की बहुत कोशिश की.. लेकिन वो नहीं मानी. फिर मेरी बहन ने कहा कि तो फिर क्या तुम गोवा अकेले जाओगे? तो मैंने कहा कि हाँ शायद हो सकता है अगर वो नहीं मानी तो ऐसा ही करना पड़ेगा. तभी मेरी बहन ने कहा कि तो क्या में तुम्हारी गर्लफ्रेंड बनकर चल सकती हूँ? तो मैंने कहा कि अरे तुम यह क्या कह रही हो? तो वो कहने लगी कि देखो तुम्हारे फ्रेंड में मुझे कोई भी नहीं जानता और ना ही किसी ने मुझे कभी नहीं देखा.. तो किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा.
फिर मैंने उसे बहुत समझाया तो वो फिर भी नहीं मानी और फिर मैंने भी लास्ट में कहा कि ठीक है तुम चल सकती हो.. लेकिन किसी को पता नहीं चलना चाहिए कि तुम मेरी बहन हो. तो उसने कहा कि हाँ में वादा करती हूँ कि किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा. तो 21 दिसम्बर को मैंने पापा से बात कर ली कि प्रीति भी मेरे साथ जा रही है.. तो उन्होंने कहा कि ठीक है जाओ.. लेकिन अपना ख्याल रखना ठीक है. तो मैंने कहा कि ठीक है और फिर 22 दिसम्बर को दिल्ली से गोवा हमारी फ्लाईट थी. में और मेरी बहन दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो वहाँ पर मेरे सभी फ्रेंड मिले जो कि सब अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आए थे. तभी उन्होंने मेरी बहन को देखा जो कि एक सेक्सी बॉम्ब लग रही थी.. उसने एक हरे कलर का गहरे गले का टॉप पहना हुआ था और मिनी स्कर्ट पहनी हुई थी. तो मैंने अपने सभी दोस्तों का उससे परिचय कराया और फिर हम सब फ्लाईट के लिये चले गये. फिर हम गोवा पहुंचे और वहाँ पर मेरे दोस्त ने पहले से ही एक होटल बुक किया हुआ था.. उसने सबको रूम की चाबी दी. फिर हम सब अपने अपने कमरों में चले गये.
फिर हम फ्रेश होकर मिले तो हम घूमने निकल गये.. तो मेरे एक दोस्त ने मुझसे पूछा कि यह तेरी गर्लफ्रेंड तो बहुत ही अच्छा माल है. तो मैंने उसे कहा कि तू चुप रह और ऐसा मत बोल.. तो उसने कहा कि ठीक है. फिर उसने मुझसे पूछा कि यह क्या जालंधर ही रहती है? तो मैंने कहा कि हाँ यह मेरी पड़ोसन है. फिर उसने कहा कि क्या तूने इसे कभी चोदा है? तो मैंने उसे कहा कि तू पागल है क्या? मैंने अभी तुझे मना किया है ना तू ऐसी बातें मत कर. तो उसने कहा कि ठीक है नहीं करता और फिर 22 दिसम्बर की रात को हम सभी ने डिस्को जाने का प्लान बनाया और जब हम सब डिस्को के लिए निकले तो मेरी बहन ने काली कलर की लम्बी फ्रोक पहनी थी. तो मेरे सभी फ्रेंड्स मेरी बहन को घूर घूरकर देख रहे थे और फिर मैंने उनसे कहा कि चलो चलते है. फिर हम डिस्को पहुंचे और अंदर जाकर मेरे सभी फ्रेंड्स तो अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डांस करने लगे.. में और मेरी बहन साईड में एक कुर्सी पर बैठ गये और बातें करने लगे.
तो थोड़ी देर बाद मेरा एक फ्रेंड मेरे पास आया और हमे डांस के लिए बुलाने लगा.. तो मैंने मना किया तो वो थोड़ा फोर्स करने लगा और फिर हम खड़े हुए और डांस फ्लोर पर चले गये. हम दोनों थोड़ा दूर होकर डांस कर रहे थे और मेरे सभी फ्रेंड्स अपनी गर्लफ्रेंड के साथ चिपक-चिपक कर डांस कर रहे थे. फिर मेरे एक फ्रेंड ने मुझे इशारा किया और कहा कि थोड़ा चिपककर डांस करो. तो मैंने अपनी बहन को पास बुलाया और अपना एक हाथ उसकी कमर पर रखा और डांस करने लगा. फिर मैंने अपनी बहन को कहा कि देखा मुझे पता था कि कुछ ऐसा ही होगा.. तभी तो में तुम्हे आने को मना कर रहा था. तो उसने कहा कि कुछ नहीं होता इतना तो नॉर्मल है. फिर मेरा एक फ्रेंड थोड़ा साईंड में अपनी गर्लफ्रेंड को स्मूच कर रहा था और यह देखकर में सोचने लगा कि काश मेरी गर्लफ्रेंड भी यहाँ पर मेरे साथ होती.. इतने में मेरी बहन ने भी उन्हें देख लिया और कहने लगी कि क्या आप अपनी गर्लफ्रेंड को मिस कर रहे हो? मैंने कहा कि हाँ.. तो उसने मुझे गर्दन पर किस किया और कहने लगी कि कोई बात नहीं.
फिर मैंने स्माईल दी और डांस करने लगा और हम सभी करीब 2 बजे होटल वापस आए और हम सब अपने अपने रूम में चले गये. फिर सुबह हुई और हम सब लड़के बीच पर घूमने गये और सभी लड़कियाँ होटल में ही थी. तो मेरे सभी फ्रेंड आखरी रात की बातें करने लगे और कहने लगे कि रात को मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को इतनी बार चोदा, यह किया, वो किया और बहुत कुछ कह रहे थे. तो मेरे दोस्तों ने मुझसे पूछा कि तूने क्या किया? तो मैंने कहा कि मैंने कुछ नहीं किया.. तो वो सब कहने लगे कि क्या तू पागल है और उसे यहाँ पर क्यों लाया है? फिर वो कहने लगे कि यह तेरी गर्लफ्रेंड इतनी सेक्सी है तब भी तूने कुछ भी नहीं किया. फिर मेरा एक फ्रेंड बोला कि अगर मेरी इतनी सेक्सी गर्लफ्रेंड होती तो में पूरी रात चोद चोदकर उसकी चूत फाड़ देता. तो मैंने कहा कि तुम चुप हो जाओ जो होना होगा हो जाएगा और फिर सारे फ्रेंड चुप हो गये. फिर में सोचने लगा कि मेरी बहन वैसे रात को लग तो बहुत सेक्सी रही थी.. लेकिन फिर मैंने दिमाग से निकाल दिया क्योंकि वो मेरी बहन थी. फिर हम सारे होटल वापिस आए और अपने रूम में चले गये.
में जब अपने रूम में गया तो मैंने देखा कि मेरी बहन बाथरूम से नहाकर बाहर निकली थी और उसने अपने शरीर पर टावल लपेटा हुआ था.. लेकिन उसने मुझे नहीं देखा था और में भी थोड़ी देर तक ऐसे ही पीछे चुपचाप खड़ा रहा. मैंने देखा कि उसके बूब्स थोड़े से टावल से नज़र आ रहे थे और उसके सीधे बूब्स के ऊपर एक तिल था और टावल उसकी जांघो से ऊपर तक था और टावल में से उसकी गांड का आकार साफ नज़र आ रहा था. फिर उसने मुझे देखा और कहा कि ओह भैया आ गए आप और उसने अपने कपड़े उठाए और बाथरूम में चली गयी. फिर वो थोड़ी देर बाद बाथरूम से आई और उसने कहा कि वो बाकी लड़कियों के साथ बाहर घूमकर आएगी. फिर में बेड पर लेट गया और अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में सोचने लगा और में सोच रहा था कि काश आज मेरी गर्लफ्रेंड भी मेरे साथ होती तो में भी रात को उसे चोदता और यही सब सोचते हुए मुझे मेरे दोस्तों की बातें याद आने लगी जो वो सुबह कह रहे थे कि मेरी गर्लफ्रेंड मतलब मेरी बहन बहुत सेक्सी है. फिर मेरे दिमाग़ में थोड़ी देर पहले का सीन घूमने लगा जब में रूम में आया था और मेरी बहन टावल में थी और में अपने फ्रेंड की बातों के बारे में भी सोच रहा था और फिर मैंने देखा कि मेरा लंड थोड़ा टाईट हो गया था. फिर में अपनी बहन के बारे में सोचने लगा कि वो टावल में कितनी सेक्सी लग रही थी और उसके गीले बाल, टावल में दिखती टाईट गोल गांड और आधे आधे दिखते गोरे टाईट बूब्स.. अब मेरा लंड पूरा टाईट हो गया था. फिर में बाथरूम में गया और मुठ मारने लगा. मुठ मारते हुए में अपनी बहन के बारे में सोचने लगा और में वो सब सोचकर मुठ मार रहा था कि में अपनी बहन की डॉगी स्टाईल में चूत मार रहा हूँ और उसकी सेक्सी गोल गांड हिल रही है और थोड़ी देर के बाद में झड़ गया और मेरा बहुत सारा वीर्य निकला जो कि पहले कभी इतना नहीं निकला था. फिर में होश में आया और अपनी ग़लती महसूस करने लगा कि वो मेरी बहन है.. लेकिन दिमाग़ में फिर यह बात भी आई की उसको सोचकर मुठ मारने में इतना मज़ा आया है जितना पहले कभी नहीं आया.. तो फिर उसे चोदने में कितना मज़ा आएगा? फिर में बेड पर लेट गया और यह सोचने लगा कि क्या करूं.. उसके साथ सेक्स करूं या नहीं? अगर सेक्स करूं तो कैसे करूं वो मेरी बहन है और उसे सेक्स ले लिए कैसे मनाऊंगा? फिर मैंने सोचा कि हम दोनों यहाँ पर गोवा में अपने घर से बहुत दूर है और ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा और मेरा गोवा का ट्रिप भी मज़े में निकल जाएगा. अब मैंने ठान लिया कि में उसके साथ सेक्स करूँगा और फिर यह सोचने लगा कि उसे कैसे मनाऊं और थोड़ी देर बाद मेरी बहन आई और आकर मेरे पास बेड पर लेट गयी. मुझे उसके जिस्म से बहुत अच्छी खुश्बू आ रही थी.
फिर रात को हम रेस्टोरेंट गये और वहीं पर खाना खाया और साथ में रेड वाईन पी.. मेरी बहन ने रेड वाईन पहली बार पी थी. फिर खाना ख़त्म होने के बाद हम सब बीच पर घूमने चले गये.. हम सब कपल बनकर घूमने लगे. मेरे सब फ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर बैठ गये में भी अपनी बहन को एक कोने में लेकर बैठ गया. मेरी बहन और में बातें करने लगे और फिर मेरी बहन ने बोला कि देखो तुम्हारे सब फ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड के साथ क्या कर रहे है? तो मैंने कहा कि तुम उन्हें मत देखो.. फिर मेरी बहन ने कहा कि क्यों? मैंने कहा कि ऐसे ही.. तो उसने कहा कि क्यों यहाँ पर तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं है इसलिए तुम ऐसे बोल रहे हो. शायद मेरी बहन ने वाईन थोड़ी ज़्यादा पी ली थी इसलिए वो थोड़ा खुलकर बात कर रही थी. फिर मेरी बहन थोड़ा मेरे पास आई और कहा कि अगर तुम्हारी गर्लफ्रेंड यहाँ पर अभी तुम्हारे साथ बैठी होती तो क्या तुम भी यह सब करते? तो में कुछ नहीं बोला.. फिर मेरी बहन ने मेरा हाथ पकड़ा और कहा कि कोई बात नहीं उदास मत हो
फिर मेरी बहन ने देखा कि मेरा थोड़ा मूड खराब है तो उसने मेरे गाल पर किस किया और फिर वो मेरे कंधे पर सर रखकर बैठ गयी और फिर में भी उसके बालों में हाथ फैरने लगा. मेरी बहन थोड़ा मेरे पास आई और कहा कि क्या तुम सच में अपनी गर्लफ्रेंड को मिस कर रहे हो? तो मैंने कहा कि हाँ तो उसने अपना थोड़ा सर उठाया और मेरे चहरे के पास अपना चेहरा लाई और मेरे होंठों के पास आई तो मैंने देखा कि उसकी आंखे बंद हो चुकी थी. फिर मैंने भी अपनी आंखे बंद कर ली और फिर उसने मुझे हल्का सा किस किया. फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने सीधे बूब्स पर रख दिया. उसका बूब्स बहुत ही मुलायम था. फिर वो हटी और कहा कि सॉरी.. तो मैंने कहा कि कोई बात नहीं.. ठीक है. फिर हम सब वापस आए और अपने अपने रूम में चले गये. जब हम सुबह उठे तो मेरी बहन ने मुझे रात के लिए सॉरी कहा.. तो मैंने कहा कि कोई बात नहीं.. ऐसा कभी कभी हो जाता है. फिर हम तैयार हुए और घूमने निकल पड़े.. हमने सारा दिन घूमने में निकाल दिया और रात को वापस आए खाना खाया और सो गये. सुबह मेरे फ्रेंड और में बीच पर घूमने के लिए गये तो मेरे एक फ्रेंड ने कहा कि कल क्रिसमस है तो हम लोग बीच पर पार्टी करते है. तो मैंने कहा कि हाँ बहुत अच्छा आइडिया है और फिर हम सब प्लान करके वापस आ गए. फिर में रूम में आकर लेट गया.. मेरी बहन दूसरी लड़कियों के साथ उनके रूम में थी. तो में रात के बारे में सोचने लगा.. में अपनी बहन के होंठ और उसके बूब्स के अहसास भूल नहीं पा रहा था और मैंने देखा कि मेरा लंड बहुत टाईट हो गया है. में फिर बाथरूम मुठ मारने में गया.. मैंने वहाँ पर देखा कि मेरी बहन की ब्रा और पेंटी बाथरूम में पड़ी है.. तो पहले मैंने अपनी बहन की ब्रा उठाई और उसे सूंघने लगा.. वाहह उसकी ब्रा की क्या खुश्बू थी? में फिर उसकी ब्रा को चूमने लगा.. यह सोचकर कि यह उसके बूब्स है.. फिर मैंने अपनी बहन की पेंटी उठाई और उसे सूंघने लगा वाह उसकी क्या खुश्बू थी.. मुझे उसकी चूत का मज़ा आने लगा और फिर में उसकी पेंटी सूंघते हुए मुठ मारने लगा और थोड़ी देर बाद में झड़ गया. फिर में बाथरूम से बाहर आया और बेड पर लेट गया. अब में अपनी बहन को चोदने के बारे में सोचने लगा. फिर मैंने सोचा कि 25 दिसम्बर को पार्टी के बाद में उसे चोदने की कोशिश करूँगा और मैंने सोचा कि अगर उसने रात को थोड़ी ज़्यादा पी तो हमने किस किया और अगर में कल रात उसे थोड़ी और ज़्यादा पिला दूँ तो शायद मेरा काम बन जाए. फिर में तैयार हुआ और हम सब घूमने निकल पड़े और रात को खाना खाते हुए हमने अपनी पार्टी वाला प्लान लड़कियों को बताया तो वो सभी मान गयी. फिर खाना खाने के बाद हम सब वापस आ गए और अपने रूम में चले गये.
में जब बेड पर लेटा तो सोचने लगा कि कल रात तो में इसी बेड पर अपनी बहन को चोद दूंगा.. यह सोचकर मेरा लंड खड़ा हो गया.. लेकिन मैंने अपने अहसास को कंट्रोल किया और में कल रात होने का इंतज़ार करने लगा और फिर थोड़ी देर बाद में सो गया 25 दिसम्बर की सुबह हम सब तैयार हुए और रात की पार्टी के लिए ज़रूरी समान लाने लगे.. सामान लाते हुए हमे शाम हो गयी और फिर हम सब अपने रूम में चले गये. फिर थोड़ी देर बाद हम सब तैयार हुए. मेरी बहन ने काली मिनी स्कर्ट और काला टॉप पहना हुआ था.. में उसे उस ड्रेस में देखता ही रह गया और में सोच रहा था कि इसे यही पकड़कर चोद दूँ. फिर हम पार्टी के लिए निकले.. पार्टी में हम सब डांस कर रहे थे में और मेरी बहन भी डांस कर रही थी. फिर प्लान के मुताबिक मैंने अपनी बहन को ड्रिंक लाकर दी.. मेरी बहन ने ड्रिंक पी ली और फिर हम डांस करने लगे.. मैंने देखा कि 2-3 शॉट्स के बाद मेरी बहन मुझसे चिपककर डांस कर रही है और में भी इस बात का फायदा उठाने लगा और उसकी कमर पर हाथ घुमाने लगा. फिर मेरी बहन के बूब्स का दबाव मेरे चेस्ट पर पड़ा में तो पागल हो गया था और फिर हमे डांस करते हुए रात के 1 बज गए थे.. फिर हमने 2 बजे तक खाना खाया और फिर हम सब रूम की तरफ जाने लगे.. मेरी बहन नशे में धुत होकर मेरा सहारा लेकर चल रही थी.
फिर हम रूम में पहुंचे तो मेरी बहन एकदम से बेड पर लेट गयी.. मैंने उसे बेड पर लेटे हुए देखा तो मेरा मन किया कि में उसके ऊपर चढ़ जाऊँ.. फिर में अपनी बहन के पास में लेट गया और मैंने उसका हाथ पकड़ लिया.. तो मेरी बहन भी थोड़ा मेरे पास हो गयी. फिर में घूमा और अपनी बहन की जांघ पर अपना हाथ रखा.. लेकिन मेरी बहन ने कुछ नहीं कहा. फिर में अपना हाथ उसकी जांघ पर घुमाते हुए उसकी कमर पर ले गया और फिर मैंने उसका चेहरा अपनी तरफ किया और हम दोनों एक दूसरे की आखों में देख रहे थे. फिर मैंने उसे कहा कि प्रीति क्या बात है आज तुम बहुत हॉट, सेक्सी लग रही हो? तो उसने मुझे स्माईल दी.. फिर मैंने उसे कहा कि प्रीति में अपनी गर्लफ्रेंड को बहुत याद कर रहा हूँ तो उसने कहा कि सच में और यह कहकर वो भी मेरी तरफ को घूम गयी. फिर में उसकी गांड पर हाथ रखकर सहलाने लगा तो उसने कुछ नहीं कहा. फिर मैंने कहा कि प्रीति हम दोनों इतने दिनों से गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड का नाटक कर रहे है.. क्या आज रात तुम मेरी रियल में गर्लफ्रेंड बनोगी? तो यह सुनकर वो बैठ गयी और उसने कहा कि में तुम्हारी बहन हूँ और यह मुमकिन नहीं है. फिर मैंने कहा कि प्रीति हम घर से बहुत दूर है और हमे यहाँ पर कोई नहीं जानता तो क्यों ना इस ट्रिप को हम मज़ेदार बनाए.. हमे ऐसा मौका बार बार नहीं मिलेगा. फिर उसने कहा कि नहीं यह बिल्कुल ग़लत है. फिर मैंने उसे पकड़ा और बेड पर लेटाया और कहा कि प्रीति कुछ ग़लत नहीं है ओर किसी को पता नहीं चलेगा.. इतना कहकर में उसके ऊपर लेट गया और मैंने उसकी गर्दन पर किस करना शुरु कर दिया.. थोड़ी देर तक तो उसने कुछ नहीं कहा फिर वो खड़ी हुई और कहने लगी कि प्लीज़ ऐसा मत करो.. इससे हमारा रिश्ता खराब होगा. तो मैंने कहा कि यह मत सोचो कि हम भाई-बहन है बल्कि यह सोचो कि तुम एक लड़की हो और में एक लड़का हूँ और हम घर से बहुत दूर रात को एक कमरे में है. तो वो बेड पर चुप बैठ गयी.. फिर मैंने उसे पकड़ा और उसके गाल पर किस करने लगा. उसके बालों की खुश्बू मुझे पागल बना रही थी.
फिर उसने मुझे कहा कि प्लीज भाई एक बार फिर सोचो.. तो मैंने कहा कि मैंने सोच लिया है इसमें कोई प्रोब्लम नहीं है. फिर वो कुछ और बोलने लगी इतने में मैंने उसे पकड़ा और उसे होंठ पर किस करने लगा और उसे बेड पर लेटा दिया.. वो कुछ विरोध नहीं कर रही थी. फिर मैंने अपने हाथ से उसके बूब्स दबाने शुरू करे एक मिनट बाद वो भी मेरा साथ देने लगी और हमने 10 मिनट तक किस किया.. में बता नहीं सकता वो कितना मजेदार किस था और हम दोनों ऐसे ही किस कर रहे थे जैसे कि हम भाई-बहन नहीं कोई लवर्स हो. कभी वो अपनी जीभ मेरे मुहं में डालती और कभी में अपनी जीभ उसके मुहं में डालता.. उसके होंठ बहुत ही मुलायम और सुंदर थे. में उसके बूब्स की गहराइयों को चूस रहा था जो कि बहुत सेक्सी है. फिर मैंने अपनी बहन का टॉप उतारा तो मेरी बहन कह रही थी भाई यह सब ठीक तो है ना. तो मैंने उसे होंठ पर किस किया और कहा कि हाँ बेबी सब ठीक है.
फिर मैंने जैसे ही उसका टॉप उतारा उसने गुलाबी कलर की ब्रा पहनी हुई थी.. फिर में उसे किस करने लगा और किस करते हुए मैंने उसकी ब्रा पीछे से खोल दी और उसे बेड पर लेटा दिया. अब में अपनी बहन के बूब्स चूसने लगा और जब में अपनी बहन के बूब्स चूस रहा था तो वो जोर जोर से सांसे लेने लगी और मेरे बालों में अपने हाथ घुमाने लगी. मेरी बहन की सिसकियों की आवाज़े निकल रही थी अहह ओहो बेबी चूसो इन्हें और जोर से अहहहाहा ऑश जोर से बेबी. फिर में खड़ा हुआ और मैंने अपनी बहन की स्कर्ट और पेंटी उतारी उसकी साफ शेव चूत देखकर में पागल हो गया और में उस पर हाथ घुमाने लगा तो मेरी बहन और तेज़ आवाज़े निकालने लगी. फिर में नीचे झुका और अपनी जीभ से उसकी चूत चाटने लगा और जैसे ही मैंने चूत चाटना शुरू किया तो मेरी बहन पागल हो गयी और मेरी बहन मेरा सर पकड़कर अपनी चूत में घुसाने लगी 15 मिनट तक मैंने उसकी चूत चाटी और जब वो झड़ गई तो उसने बेड शीट को कसकर पकड़ लिया. फिर मैंने पूछा कि क्या हुआ? तो वो कुछ नहीं बोली और मैंने अपनी जीन्स और अंडरवियर उतारी और फिर में बेड पर लेट गया और मैंने अपनी बहन से कहा कि मेरा लंड चूसो. तो मेरी बहन ने कहा कि मैंने यह सब पहले कभी नहीं किया.. तो मैंने अपनी बहन को कहा कि कोई बात नहीं तुम बस इसे मुहं में लो.. फिर मेरी बहन ने मेरा लंड अपने मुहं में लिया और चूसने लगी वाह वो क्या अहसास था में बहुत अच्छा महसूस कर रहा था और वो बहुत अच्छी तरह से मेरा लंड चूस रही थी.
मेरी गर्लफ्रेंड ने भी मेरा लंड नहीं चूसा था.. लेकिन मेरी बहन मेरा लंड चूस रही थी और वो भी बहुत अच्छी तरह से. फिर में अपनी बहन के बाल पकड़कर ज़ोर ज़ोर से अपना लंड चुसवाने लगा.. दस मिनट तक मेरी बहन ने मेरा लंड चूसा. फिर मैंने अपनी बहन को बेड पर लेटाया और फिर मैंने उससे कहा कि मेरी जान क्या तुम हॉट सेक्स के लिए तैयार हो? तो उसने कहा कि हाँ में तैयार हूँ. फिर मैंने बेड के साईड से एक कंडोम का पेकेट निकाला और उसमे से कंडोम निकाला. फिर मैंने अपनी बहन को कहा कि मेरे लंड पर कंडोम चढ़ाओ.. तो उसने वैसा ही किया. फिर में अपनी बहन के पैरों के बीच में आ गया और अपना लंड उसकी चूत के होल पर रखा और फिर हल्का सा झटका मारा तो मेरी बहन की हल्की सी चीख निकली आउच अहहहा.. मैंने फिर एक और झटका मारा तो मेरी बहन अहाहाहहहाहा करने लगी. फिर मेरी बहन ने कहा कि अंदर कितना गया? तो मैंने कहा कि अभी तो आधा ही अंदर गया है. तो उसने कहा कि मुझे बहुत दर्द हो रहा है.. तुम अंदर पूरा मत डालना.
फिर मैंने कहा कि जान में पूरा डालूँगा तभी तो तुझे मज़ा आएगा. तो उसने कहा कि और मुझे दर्द होगा तो? मैंने कहा कि बस शुरू में थोड़ा दर्द होगा.. फिर में उसे होंठ पर किस करने लगा और फिर दो मिनट बाद मैंने ज़ोर से एक झटका मारा.. तो मेरी बहन मेरे होंठ पर किस करने लगी और मेरी पीठ पर अपने नाख़ून गड़ाने लगी. फिर दो मिनट तक में उसके ऊपर ऐसे ही लेटा रहा और फिर मैंने हल्के हल्के झटके मारना शुरू किया. मेरे हर एक झटके के साथ उसकी चीख निकल रही थी.. अहहा अहाहा अहहहः 5 मिनट तक में उसे ऐसे ही चोदता रहा. अब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो वो बहुत सेक्सी आवाज़े निकालने लगी.. अहहाहा उह्ह्ह हाँ ऐसे ही बेबी और जोर से.. अओह्ह्ह बेबी चोदो मुझे और जोर से अहहहहा. तो यह सब सुनकर मेरा जोश और बढ़ गया और में उसे ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.. वो भी अपनी गांड उठा उठाकर मुझसे चुदवा रही थी 10 मिनट तक में उसे ऐसे ही चोदता रहा. फिर में बेड पर लेट गया और वो मेरे लंड पर बैठ गयी और उछलने लगी.
में उसे देख रहा था.. वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी.. उसके बाल उसके चहरे पर आए हुए थे और उसके बूब्स जोर जोर से उछल रहे थे और 5 मिनट तक मैंने उसे इसी पोज़ में चोदा. फिर मैंने उसे डॉगी स्टाईल में चोदा उसकी गांड मेरी जांघ से टकरा रही थी.. 5 मिनट तक मैंने उसे डॉगी स्टाईल में चोदा और फिर मैंने उसे दोबारा बेड पर लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया और एक बार फिर में उसे ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा. तो उसने मुझे नीचे खींचा और वो मेरी गर्दन और कंधों पर किस करने लगी और अपने नाख़ून मेरी पीठ पर मारने लगी.. जब उसने मेरी गर्दन और कंधों पर किस किया तो मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और अब उसकी चूत में मेरा लंड पूरा अंदर बाहर हो रहा था और छप छप की आवाज़ भी आ रही थी.. जो कि मुझे बहुत अच्छी लग रही थी. मैंने जब भी अपनी गर्लफ्रेंड को चोदा है तो इतनी अच्छी आवाज़ कभी नहीं आई. मेरी बहन की गांड और जांघ बहुत सेक्सी है और बहुत अच्छे आकार में. तभी इतनी मस्त छप छप की आवाज़े आ रही थी और फिर मेरा लंड झड़ने वाला था तो में ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा और एक मिनट के बाद झड़ गया. जैसे ही में झड़ा तो मेरे मुहं से एक आवाज़ निकली अहहहः और में अपनी बहन के ऊपर लेट गया. फिर मैंने देखा कि हम दोनों को बहुत पसीना आया हुआ है और जब भी मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को चोदा तो मुझे इतना पसीना कभी नहीं आया.. हो सकता है कि मेरी बहन की चूत टाईट और बहुत गरम थी शायद इसलिए इतना पसीना निकल गया. फिर हम दोनों सो गये और फिर हम सुबह उठे तो मेरी बहन मेरे ऊपर आकर लेट गयी और कहा कि बेबी तुम बहुत गरम हो.. तुमने कल रात मुझे बहुत मजे दिए. फिर मैंने भी कहा कि जान तुम भी बहुत गरम गरम और एकदम सेक्स बॉम्ब हो.. मेरी गर्लफ्रेंड को चोदने में कभी इतना मज़ा नहीं आया जितना कल रात तुम्हे चोदने में आया है. तो मेरी बहन ने कहा कि तो क्या अब हम गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड की तरह रह सकते है? तो मैंने कहा कि हाँ मेरी जान.. तो उसने मुझे स्माईल दी और कहा कि तू बहुत अच्छा है बहनचोद और मुझे किस करने लगी. फिर जब तक हमारा ट्रिप ख़त्म हुआ मैंने अपनी बहन को रोज़ 2 या 3 बार चोदा.. लेकिन नये साल की रात को मैंने उसे 5 बार चोदा और वो भी बिना कंडोम के और मैंने अपना सारा वीर्य भी उसकी चूत में ही डाल दिया.

दोस्तों अगर तुम्हे सबसे टाईट और गरम चूत मिल सकती है तो वो तुम्हारी बहन की ही होगी उसके जैसी हॉट और टाईट चूत तुम्हे कहीं भी नहीं मिल सकती. जो मज़ा तुम्हे तुम्हारी बहन को चोदने में आएगा वो मज़ा तुम्हे कोई लड़की नहीं दे सकती ..

Tuesday, March 17, 2015

घर की बात

मैं आप लोगों को आज अपने जीवन की एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ।। मेरा नाम राहुल है और मैं एक बिज़नसमैन हूँ। मेरे घर में हम चार लोग हैं- पिताजी, माँ, मैं, और मेरी छोटी बहन !
बात आज से 4 साल पहले की है जब मैं बारहवीं कक्षा में था, मेरी बहन दसवीं में थी। मेरे पिताजी अक्सर घर देर से ही आते थे क्योंकि बिज़नस की वज़ह से उन्हें देर हो जाती थी और माँ ज्यादातर अपने घर के काम में या फिर टीवी देखने में व्यस्त रहती थी। मेरी बहन जिसका नाम रिया है अधिकतर पढ़ाई करती रहती थी।
मैंने कभी उसे गलत नज़र से नहीं देखा था। मगर एक दिन मैं अपने कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देख रहा था कि एकदम से रिया मेरे कमरे में आ गई मैंने उसको देखते ही कंप्यूटर बंद कर दिया मगर उसने सब देख लिया था लेकिन वो कुछ बोली नहीं। मैं उससे कुछ नहीं कह पाया, वो हिम्मत करके मेरे पास आई और बोली- भईया मुझे यह सवाल नहीं आ रहा, इसको हल करने में मेरी मदद करो। मैंने कहा- ठीक है !
लेकिन मैं उससे नज़रें नहीं मिला पा रहा था। मैंने उसका सवाल हल कर दिया। फिर वो जाने लगी तो मैंने उससे बोला- जो भी तुमने देखा है, वो किसी को मत बताना !
तो वो बोली- भईया, मैं किसी को नहीं बताउंगी पर यह सब अच्छी चीज़ नहीं हैं, आप मत देखा करो !
मैंने उससे कहा- ठीक है !
फिर वो चली गई लेकिन उस दिन मुझे उसे देख कर कुछ अजीब सा महसूस हुआ, मेरे दिल में उसके लिए गलत ख्याल आने लगे। मैं आपको बता दूँ कि रिया देखने में बहुत ही सेक्सी है। उसका फिगर 34-26-34 है, रंग हल्का साँवला है। जो भी उसको एक बार देख ले, उसका लंड अपने आप ही खड़ा हो जाए।
दो दिन बाद दोपहर के वक़्त माँ घर का काम निपटा कर सो रही थी और मैं अपने कमरे में पढ़ रहा था। इतने में रिया आई और बोली- भईया उठो, मुझे एक सवाल समझ नहीं आ रहा, मुझे समझा दो।
तो मैं उठ कर उसे सवाल समझने लगा। लेकिन आज उसके मेरे पास बैठने से मुझे कुछ-कुछ हो रहा था, उसकी खुशबू मेरी साँसों में भर रही थी। मैं सवाल पर ध्यान नहीं लगा पा रहा था कि इतने में वो बोली- भईया, क्या बात है ?
तो मैं बोला- मुझे बहुत नींद आ रही है इसलिए मैं यह सवाल नहीं कर पा रहा हूँ !
तो वो बोली- भईया, नींद तो मुझे भी आ रही है ! ऐसा करते है ख़ी कुछ देर के लिए सो जाते हैँ, बाद में सवाल कर लेंगे।
इतना कह कर वो आपने कमरे की तरफ जाने लगी तो मैंने उससे कहा- रिया, कहां जा रही है? यहीँ पर सो जा ! थोड़ी देर में तो उठ कर सवाल करना ही है।
तो वो बोली- ठीक है !
फिर वो मेरे बगल में आकर सो गई। मैं भी सोने का नाटक करने लगा। लेकिन नींद तो आ ही नहीं रही थी। थोड़ी देर ऐसे ही रहने के बाद मैंने आपना एक हाथ हिम्मत करके उसके चूचों पर रख दिया और कोई हरकत नहीं की ताकि उसको ऐसा लगे कि गलती से नींद में रखा गया हो।
थोड़ी ही देर में उसकी साँसें तेज चलने लगी। फिर मैंने हिम्मत करके उसकी टांग के बीच अपनी टांग फंसा दी। अब वो मेरी पकड़ में थी, उसकी साँसे बहुत तेज चल रही थी पर उसने अभी तक कोई विरोध नहीं किया तो मेरी हिम्मत बढ़ गई।
मैंने अपने हाथ से उसके चूचे मसलना चालू कर दिया, कुछ देर बाद वो बोली- भईया, यह क्या कर रहे हो?
तो मैंने उससे साफ़ साफ़ कह दिया- मैं तुझे प्यार करता हूँ और जब भी तू मेरे सामने आती है तो मैं अपने होश खो बैठता हूँ।
वो बोली- भईया, यह सब सही नहीं है ! अगर किसी को पता चल गया तो? और वैसे भी हम भाई-बहन हैं।
मैंने उससे कहा- किसी को पता नही चलेगा ! और भाई-बहन हैं लेकिन हैं तो लड़का-लड़की ! इतना तो सब में ही चलता है ! आखिर एक दिन तो तुम्हें किसी न किसी से चुदना ही है तो अपने भाई से ही क्यों नहीं !
इतना कह कर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और पैंटी के अन्दर हाथ डाल कर उसकी चूत सहलाने लगा। वो सिसकारियाँ लेने लगी और साथ में हल्का सा विरोध भी कर रही थी। तो मैंने उससे कहा- तुम मेरा साथ दो तो तुम्हें बहुत मज़ा आएगा और घर की बात घर में ही रहेगी।
तो उसने करवट ली और मेरे चेहरे के सामने अपना चेहरा ला दिया और बोली- ठीक है, लेकिन किसी को पता नहीं चलना चाहिए !
मैंने उससे कहा- तू फिक्र मत कर !
फिर उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और दस मिनट तक हम एक दूसरे के होंठ चूसते रहे। फिर उसके बाद मैंने उसका कुरता उतार दिया और फिर ब्रा भी उतार दी।
क्या क़यामत लग रहे थे उसके चूचे !
मैंने एक चूचे को मुँह में ले लिया और दूसरे को हाथ से मसल रहा था और उसकी सिसकारियाँ बढ़ती ही जा रही थी। फिर उसने मेरी पैंट खोल कर मेरा लंड पकड़ लिया और उसे अपने हाथ से दबाने लगी। मुझे लगा जैसे कि मैं जन्नत में पहुँच गया।
इतनी में मैंने उसकी जींस और पेंटी नीचे सरका दी। फिर उसने मेरी टी-शर्ट भी उतार दी। अब हम दोनों बिल्कुल नंगे एक दूसरे के बगल में लेटे थे। मैंने देर न करते हुए उसे अपनी बाहों में समेट लिया और कहा- मैं तुम्हारे बदन की गर्मी लेना चाहता हूँ, इसका अहसास लेना चाहता हूँ !
रिया बोली- केवल आप ही नहीं मैं भी यही चाहती हूँ !
उसका इतना कहना था कि मैं तो खुशी से पागल हो गया। फिर मैंने अपनी जीभ से उसका पूरा बदन चाटा, फिर मैं उसकी टांगों के बीच गया और उसकी गुलाबी पंखुड़ी वाली चूत मेरी आँखों के सामने थी। उसकी चूत में हल्के-हल्के बाल थे। मैंने जैसे ही अपनी जीभ उसकी चूत पर रखी, वो तो जैसे पागल ही हो उठी और उसके पूरे शरीर में एक करंट सा दौड़ गया।
वो बोली- भईया, मैं मर जाउंगी !
और मैंने उसकी चूत के अन्दर अपनी जीभ घुसा दी तो वो बोली- भईया, मुझे भी आपका लंड चूसना है !
तो हम 69 की मुद्रा में आ गए। अब हम दोनों 10 मिनट तक एक-दूसरे को ऐसे ही चूसते रहे और फिर हम दोनों एक एक करके झड़ गए। इसके बाद हम दोनों एक दूसरे के ऊपर लेट गए। थोड़ी ही देर में हम फिर से गर्म हो गए और मैं उसकी चूत में ऊँगली करने लगा तो वो बोली- भईया, अब नहीं रहा जाता ! अपना लंड अन्दर डाल दो !
मैं उसकी टांगो के बीच आ गया, उसकी चूत अभी कुँवारी थी और मैं उसे दर्द नहीं पहुँचना नहीं चाहता था, इसलिए मैंने पहले अपने लंड पर थोड़ा सा थूक लगाया, फिर उसकी चूत पर भी थूक से मालिश कर दी। मेरा लुंड सात इंच लम्बा और तीन इंच मोटा है।
उसके बाद मैंने अपना लंड रिया की चूत पर लगाया और हल्के-हल्के लंड को अन्दर करने लगा, पर जा नहीं रहा था इसलिए मैंने एक हल्का सा धक्का लगा दिया तो रिया जैसे तड़प सी गई और उसके मुँह से आह की आवाज़ निकल गई। मेरे लंड का सुपारा अन्दर जा चुका था। फिर मैं थोड़ी देर के लिए रुक गया और उसके चूचे मुँह में लेकर चूसने लगा। फिर थोड़ी देर बाद मैंने हल्के-हल्के लंड अन्दर डालना चालू किया और बीच बीच में हल्का सा धक्का भी मार देता था जिससे कि उसकी चीख निकल जाती थी। लेकिन मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख रखे थे जिससे उसकी चीख बाहर न जाये। अब तक मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जा चुका था। उसकी चूत बहुत ही कसी थी और मैं हल्के-हल्के अपने लंड को अन्दर-बाहर करने लगा। शुरु में तो उससे थोड़ा दर्द हुआ पर फिर उसे भी मज़े आने लगे और वो अपनी गांड उठा उठा कर मेरा साथ देने लगी।
अब हम दोनों चुदाई का पूरा आनंद ले रहे थे। वो कह रही थी- भईया और जोर से !
मैं भी रिया से कह रहा था- देख ! बहन को अपने भाई से चुदने में कितना मज़ा आता है !
वो बोली- हाँ भईया, सही में बहुत मज़ा आ रहा है ! यह तो सबको करना चाहिए ! लेकिन दुनिया के ये झूठे रिवाज़ हमें रोके रखते हैं। भईया, मैं तो ये सोचती हूँ कि कोई भी किसी के साथ भी चुदाई कर सकता है। इससे क्या फर्क पड़ता है कि वो रिश्ते में क्या लगते हैं, आखिर वो हैं तो मर्द और औरत ही !
और हम ऐसे ही बातें करते करते चुदाई का आनंद लेते रहे। शायद रिया एक बार झड़ चुकी थी, अब मैं भी चरम सीमा तक पहुँच चुका था और फिर उसके बाद हम दोनों एक साथ एक दूसरे में समां गए और अपना अपना पानी एक दूसरे में मिला दिया और एक दूसरे को पूरी ताकत से पकड़ लिया।
फिर हम दस मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे और उसके बाद बाथरूम में जा कर एक दूसरे को साफ़ किया। हम लोग उस वक़्त भी बिलकुल नंगे थे, मुझे रिया के चूतड़ दिखाई दिए बिल्कुल गोल-गोल और मुलायम ! बिल्कुल गोरे-गोरे और चिकने !
मेरा लंड फिर से जोर मारने लगा। मैं उसके पास गया और उसे अपनी बाहों में उठा लिया और ले जाकर उसे फिर से बिस्तर पर डाल दिया।
वो बोली- भईया, अब क्या?
मैंने उससे कहा- बहन, मुझे तेरी गांड मारनी है !
तो वो बोली- नहीं भईया ! मुझे बहुत डर लगता है, गांड मरवाने में तो बहुत दर्द होगा !
तो मैंने उससे कहा- मैं दर्द नहीं करूँगा, आराम आराम से करूँगा !
वो बोली- भईया, मार लेना मेरी गांड, लेकिन अभी नहीं, अभी बहुत देर हो गई है और माँ भी उठने वाली होगी हम गांड का प्रोग्राम किसी और दिन करेंगे।
मैं मान गया और उसके होठों का एक लम्बा चुम्मा लिया और उसके चूचे भी दबाये। फिर हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और फिर रिया चाय बनाने चली गई।
मैंने और रिया ने मिलकर चाय पी। फिर वो अपने कमरे में चली गई।
रिया की चूत मारने के बाद मैं उसकी गांड मारना चाहता था लेकिन जब भी उससे इस बारे में कहता तो वो मना कर देती, वो शायद गांड मरवाने से डरती थी और मम्मी को पता न लग जाये इस बात से भी डरती थी। मैं भी उसके मन की बात समझ गया था इसलिए ज्यादा दबाव भी नहीं डालता था और सही समय का इंतजार करने लगा।
किस्मत खुली और वो घड़ी भी आ गई। आखिर आती कैसे नहीं, इंतज़ार भी तो बहुत किया। और कहते हैं कि जो मुराद सच्चे दिल से मांगी जाये वो ज़रूर पूरी होती है।
21 जुलाई को हमारी मौसी की लड़की की शादी थी और मेरे और मेरी बहन की परीक्षाएँ शुरु होने वाली थी, इसलिए मम्मी और पापा ने जाने का कार्यक्रम बना लिया।
20 जुलाई को ही पापा और मम्मी रात वाली ट्रेन से चले गए, मैं उन्हें ट्रेन तक छोड़ने गया था, मम्मी पापा के जाने से मेरे दिल में एक अजीब सी खुशी थी।
मैं जब घर वापिस आया तो रिया अपने कमरे में बैठीं पढ़ रही थी। शायद वो इस बारे में बात नहीं करना चाहती थी क्योंकि उसको पता था कि मैं उसकी गांड मरूँगा और वो इस बात से थोड़ी घबराई हुई थी।
मैं अपने कमरे में गया और कपड़े बदल कर लेट गया, मैं उसकी इच्छा के बिना उसके साथ कुछ भी नहीं करना चाहता था। लेटे-लेटे मैंने सोचा कि क्यों न जाकर रिया से बात की जाये। मैं सीधे रिया के कमरे में पहुँच गया। रिया लेटी हुई कुछ सोच रही थी और उसका एक हाथ उसकी पेंटी के अंदर था। उसने जैसे ही मुझे देखा, वो चौंक कर खड़ी हो गई और अपना हाथ पेंटी में से निकाल कर पीछे कर लिया।
मैं जानता था कि रिया का भी चुदने का मन कर रहा है, लेकिन मैं पहले उससे बात करना चाहता था इसलिए मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे पलंग पर बैठा दिया। वो सर झुकाए बैठी थी, मैंने उसका हाथ अपने हाथ में लिया और उससे पूछा- क्या बात है रिया ? तुम उस दिन के बाद से मुझसे दूर क्यों भागती हो? क्या तुम्हें उस दिन मज़ा नहीं आया था या कोई और बात है?
रिया की धड़कन तेज हो गई और उसका हाथ जो मेरे हाथ में था वो काँप रहा था।
मैंने अपना हाथ उसके कंधे पर रखा और उससे कहा- रिया डरो मत ! मुझसे जो कुछ भी कहना है, खुल कर कहो !
रिया- भैया, आपने उस दिन मुझसे कहा था कि आप मेरी गांड मारना चाहते हैं लेकिन मुझे गांड मरवाने से बहुत डर लगता है।
मैं हंसने लगा तो वो बोली- भैया, आप हंस क्यों रहे हो?
मैंने उससे कहा- अरे पगली ! बस इतनी सी बात और तू इतना घबरा रही है? तुझे क्या लगता है मैं तुझे दर्द करूँगा? तुझे तो चूत मरवाने में भी डर लग रहा था ! बता कहीं दर्द हुआ क्या?
मैंने उससे कहा- तू चिंता मत कर ! मैं तुझे बहुत आराम से चोदूँगा जिससे तुझे ज़रा भी दर्द न हो !
फिर मैंने उसके बाल गर्दन से हटा कर उसे चूम लिया। उसके मुँह से एक सिसकारी सी निकल गई और वो मेरी बाहों में सिमट गई।
मैंने पहले उसे उसके माथे पर चूमा, फिर गाल पर और फिर अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए। वो मेरी बाहों में ऐसे सिमट गई जैसे की गरम तवे पर मक्खन पिघलता है। हम दोनों एक दूसरे के होठों को ऐसे चूस रहे थे जैसे कि एक दूसरे का सारा रस आज पी जायेंगे, हम दोनों एक दूसरे की सांसें अब आपस में बदल रहे थे।
मैंने फिर उसे गोद में उठाया और स्टूल पर बिठा दिया फिर उसका टॉप उतार दिया। रिया ने आज अन्दर से लाल रंग की ब्रा पहन रखी थी, उसके दूध अब ब्रा से आज़ादी चाहते थे। मैंने उसकी ब्रा का हुक खोला तो एक ही झटके में उसकी ब्रा ज़मीन पर पड़ी थी और उसके चूचे मेरे सामने थे। मैंने उसके एक चूची को अपने मुंह में भर लिया और दूसरी को हाथ से दबाने लगा। रिया के मुँह से सेक्सी सिसकारियाँ निकलने लगी।
उसने मेरी टी-शर्ट उतार फेंकी। मैंने उसके बदन को अपने बदन से चिपका लिया। फिर रिया ने मेरे पजामे का नाड़ा खोल दिया और उसे नीचे सरका दिया। फिर मेरी चड्डी भी निकाल दी और मेरे लंड को हाथ में लेकर दबाने लगी।
मैंने भी देर न करते हुए उसका लोअर नीचे सरका दिया और उसे गोद में उठा कर पलंग पर गिरा दिया। मुझ पर सेक्स का भूत सवार हो चुका था। मैंने उसकी पेंटी फाड़ डाली और जीभ निकाल कर उसकी चूत चाटने लगा।
हम दोनों बिल्कुल नंगे एक दूसरे के शरीर के साथ खेल रहे थे।
फिर रिया बोली- भैया, मुझे भी चूसना है !
मैंने कहा- क्यों नहीं बहन !
फिर हम 69 की अवस्था में आ गए। 5 मिनट बाद ही मैं उसके मुँह में झड़ गया और रिया ने भी अपना पानी छोड़ दिया। हम दोनों ने चाट-चाट कर एक दूसरे को साफ़ किया।
थोड़ी देर बाद ही हम दोनों फिर से तैयार हो गए। अब मैंने देर न लगाते हुए रिया की चूत पर अपना लंड रख दिया और 2-3 झटकों में ही लंड रिया की चूत के अन्दर था। रिया के मुँह से हल्की सी चीख निकल गई। फिर थोड़ी देर रुकने के बाद मैंने धक्के लगाने चालू किये। करीब 20 मिनट की दमदार चुदाई के बाद मैं रिया के चूत में बह गया। तब तक रिया दो बार स्खलित हो चुकी थी।
हम दोनों बहुत थक चुके थे। मैं रिया से चिपक कर लेट गया। रिया शायद बहुत थक गई थी इसलिए वो करवट बदल कर गांड मेरी तरफ कर के लेट गई। मेरे सोये हुए लंड को जैसे ही उसकी कोमल गांड का स्पर्श हुआ, वो फिर से खड़ा हो गया। रिया को भी इस बात का एहसास हो गया था मगर वो कुछ बोली नहीं, तो मेरी हिम्मत भी थोड़ी बढ़ गई। मैंने अपना लंड उसकी चिकनी गांड पर रखा और बाहर से ही रगड़ने लगा।
शायद उसकी गांड में भी खुजली होने लगी थी, वो बोली- भैया, मुझे लगता है, आप मेरी गांड मारे बिना मानोगे नहीं !
मैंने उससे कहा- बहन, तेरी गांड है ही इतनी प्यारी कि जब भी इसे देखता हूँ, अपने आप को रोक नहीं पाता हूँ।
तो वो बोली- ठीक है भैया ! आज रात मैं पूरी आपकी हूँ, जो चाहे कर लो ! लेकिन आपकी बहन की ही गांड है, ज़रा प्यार से मारना ! कहीं फाड़ मत देना !
मैंने कहा- तू चिंता मत कर ! बस मेरा साथ दे !
तो वो बोली- ठीक है !
मैंने पास में रखी क्रीम उठा ली और अच्छी तरह से रिया की गांड में लगा दी। फिर मैंने अपना लंड रिया की गांड पर रखा और उसे हल्के से दबाया लंड का सुपारा अन्दर चला गया और रिया दर्द के मारे चिल्ला पड़ी।
मैंने रिया से कहा- बहन, अपनी सांस अन्दर खींच कर रख !
और फिर मैंने थोड़ा सा लंड और दबाया। अब तक आधा लंड अन्दर जा चुका था। फिर मैंने हल्के से लंड अन्दर-बाहर करना चालू किया। रिया को थोड़ा दर्द भी हो रहा था लेकिन थोड़ी ही देर में उसका सारा दर्द गायब हो गया और वो मुझसे बोली- भैया, थोड़ा और अन्दर डालो ना !
मैंने लंड को हल्के-हल्के दबाना शुरु किया और कुछ ही देर में मेरा पूरा लंड रिया की गाण्ड के अन्दर था। मैं उसे ज्यादा दर्द नहीं पहुँचाना चाहता था इसलिए थोड़ी देर रुक कर मैंने हल्के-हल्के धक्के लगाने शुरु किये। थोड़ी देर में रिया को भी मज़ा आने लगा तो वो भी चूतड़ उछाल-उछाल कर गांड मरवाने लगी। उसके लटकते हुए चूचों को मैंने अपने दोनों हाथों में दबा लिया और खूब मसला और उसकी पीठ को खूब चूमा और चाटा।
करीब आधे घंटे तक यह महायुद्ध चलता रहा। उसके बाद मैंने अपना पानी रिया की गाण्ड में छोड़ दिया। उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर सो गए।
अगली सुबह जब मैं उठा तो देखा कि रिया नहा धो कर किचन में नाश्ता बना रही है। मैं पीछे से उसके पास गया और उसकी चूचियाँ पकड़ ली और अपना लंड उसकी गांड में टिका दिया।
वो बोली- भैया, आपने रात को क्या किया, सुबह मुझसे चला भी नहीं जा रहा था।
मैंने उसे कहा- शुरु में ऐसा होता है, लेकिन अब तुझे कभी तकलीफ नहीं होगी। लेकिन यह तो बता कि रात को तुझे मज़ा आया या नहीं?
तो वो बोली- भैया, मज़ा तो बहुत आया ! मुझे तो पता ही नहीं था कि गांड मरवाने में इतना मज़ा आता है !
उसका इतना कहना था कि मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी पेंटी उतार दी। बाकी कपड़े उसने खुद ही उतार लिए। मैं तो नंगा था ही !
मैंने उसे गोद में उठा कर किचन की स्लैब पर उल्टा लेटा दिया और उसकी गांड में अपना लंड पेल दिया। उसकी गांड मारने के बाद उसकी चूत मारी।
दो दिन तक घर में हम दोनों अकेले थे और दो दिन में हम दोनों ने दो महीनों के बराबर सेक्स किया। सेक्स का जो तूफान हमारे दिलों में उबल रहा था उसे हमने दो दिन में शांत कर दिया।
फिर दो दिन बाद मम्मी पापा आ गए और हम अपनी परीक्षा की तैयारी में लग गए, लेकिन जब भी मौका मिलता तो हम चौका मारना नहीं छोड़ते।
दोस्तो, इस तरह मैंने रिया की गांड मारी।
यह कहानी बिलकुल सच्ची है। मुझे आपके खतों का इंतज़ार रहेगा।