Friday, March 27, 2015

सेक्सी बहन के साथ गोवा में मजा

हैल्लो फ्रेंड.. में जॉन आप सभी के सामने एक गर्म और सेक्सी स्टोरी लेकर आया हूँ. दोस्तों मेरी उम्र 22 साल है और मेरा कलर साफ, अच्छी बॉडी है.. क्योंकि में हर दिन जिम जाता हूँ. फ़िलहाल में दिल्ली में रहता हूँ और मेरी फेमिली जालंधर में रहती है. में दिल्ली में एक हॉस्टल में रहता हूँ. हमारे कॉलेज के पेपर्स खत्म होने के बाद मेरे दोस्तों ने कहीं बाहर घूमने का प्लान बनाया.. वो दिसम्बर का महिना था और उन्होंने गोवा जाने का प्लान बनाया. तो मैंने कहा कि चलो ठीक है और हम सभी ने दो सप्ताह के लिए गोवा जाने का प्लान बनाया. तो मेरे दोस्तों ने कहा कि हम सभी वहाँ पर अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ चलेंगे और यह बात सुनकर में थोड़ा उदास हुआ.. क्योंकि मेरी गर्लफ्रेंड के साथ मेरा कुछ दिन पहले ही का झगड़ा हुआ था. फिर में सोचने लगा कि अब में क्या करूं? तो अब मेरी समस्या का कोई हल नहीं निकल रहा था. फिर मेरे दोस्तों ने 22 दिसम्बर को जाने के लिया बोला और सब कुछ तय होने के बाद में अपने घर आ गया. फिर जब में घर पर पहुंचा तो माँ घर पर अकेली थी और पापा ऑफिस गए हुए थे और मेरी बहन कॉलेज गयी थी.
दोस्तों अब में अपनी बहन के बारे में आप सभी को बता दूँ.. वो बहुत सुंदर है उसकी उम्र 19 साल है, कलर गोरा, उसका फिगर 34-28-36 है. मैंने अपनी बहन को पिछले 6 महीने से नहीं देखा था.. क्योंकि में कभी कभी अपने घर पर आता हूँ और जब शाम को मेरी बहन कॉलेज से घर वापस आई तो मैंने उसे देखा और मुझे उसमे बहुत कुछ बदला बदला सा लगा. उसकी छाती बहुत अच्छे आकार में आ गई थी और उसकी गांड भी बहुत अच्छे आकार में थी. फिर जब वो मेरे रूम में मुझसे मिलने आई तो उसने नीले कलर की टाईट जिन्स पहनी हुई थी और गहरे नीले कलर का टॉप पहना हुआ था. उसकी जांघे भी बहुत अच्छे आकार में थी और उसकी गांड जीन्स में से हिलती हुई साफ दिख रही थी. अभी तक मैंने अपनी बहन के बारे में कभी भी कुछ बुरा नहीं सोचा था और वो मेरे रूम में आई तो में लेपटॉप पर गेम खेल रहा था. वो आई और कहा कि आप कैसे हो और आप कितने दिनों के बाद आए हो और उसके बूब्स मेरे चेस्ट पर लगे.. लेकिन मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया.. क्योंकि वो मेरी बहन है.
तो मैंने कहा कि में बिल्कुल ठीक हूँ.. लेकिन तुम अपनी सुनाओ. फिर मैंने कहा कि तुम बहुत फिट हो गयी हो और बहुत अच्छी लग रही हो. तो उसने भी कहा कि आपने भी बहुत अच्छी बॉडी बनाई है. फिर हमने थोड़ी देर इधर उधर की बातें की और रात को खाने के टाईम में अपने पापा से मिला.. तो उन्होंने पूछा कि तुम्हारे पेपर कैसे रहे? फिर मैंने कहा कि बहुत अच्छे. तभी थोड़ी देर के बाद मैंने कहा कि पापा मेरे दोस्तों ने दो सप्ताह के लिए गोवा जाने का प्लान बनाया है तो क्या में भी उनके साथ चला जाऊँ? तो पापा ने कहा कि हाँ क्यों नहीं तुम भी जा सकते हो और यह सब हमारी बातें मेरी बहन भी सुन रही थी. फिर खाने के बाद मेरी बहन मेरे रूम में आई और वो कहने लगी कि में भी यहाँ पर बोर हो जाऊंगी.. क्या में भी आप सभी के साथ चलूं? तो मैंने कहा कि नहीं प्रीति वहाँ पर मेरे सभी दोस्त जा रहे है और तुम वहाँ पर जाकर क्या करोगी? तो उसने कहा कि कुछ नहीं होता और फिर वहाँ पर कोई तुम्हारी क्लास की लड़की भी तो आ रही होंगी. तो मैंने कहा कि हाँ आ तो रही है.. तो उसने कहा कि तो में भी चलूंगी.. क्या प्राब्लम है? लेकिन मैंने उससे कहा कि तुम नहीं जा सकती और वो गुस्सा होकर चली गयी. फिर उसने अगले दिन मुझसे बात नहीं की और फिर रात को खाने के बाद में उसके रूम में गया तो मैंने कहा कि प्रीति तुम समझा करो.. तो वो कहने लगी कि मेरे जाने में क्या प्राब्लम है? तो मैंने कहा कि हम सब अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ जा रहे है. तो उसने कहा कि तो अच्छा यह प्राब्लम है.. फिर उसने मुझसे कहा कि तो क्या तुम भी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ जा रहे हो. तो मैंने कहा कि हाँ शायद.. तो उसने कहा कि यह हाँ शायद से क्या मतलब? तो मैंने कहा कि उसका और मेरा झगड़ा हो गया है और मैंने उसे मनाने की बहुत कोशिश की.. लेकिन वो नहीं मानी. फिर मेरी बहन ने कहा कि तो फिर क्या तुम गोवा अकेले जाओगे? तो मैंने कहा कि हाँ शायद हो सकता है अगर वो नहीं मानी तो ऐसा ही करना पड़ेगा. तभी मेरी बहन ने कहा कि तो क्या में तुम्हारी गर्लफ्रेंड बनकर चल सकती हूँ? तो मैंने कहा कि अरे तुम यह क्या कह रही हो? तो वो कहने लगी कि देखो तुम्हारे फ्रेंड में मुझे कोई भी नहीं जानता और ना ही किसी ने मुझे कभी नहीं देखा.. तो किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा.
फिर मैंने उसे बहुत समझाया तो वो फिर भी नहीं मानी और फिर मैंने भी लास्ट में कहा कि ठीक है तुम चल सकती हो.. लेकिन किसी को पता नहीं चलना चाहिए कि तुम मेरी बहन हो. तो उसने कहा कि हाँ में वादा करती हूँ कि किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा. तो 21 दिसम्बर को मैंने पापा से बात कर ली कि प्रीति भी मेरे साथ जा रही है.. तो उन्होंने कहा कि ठीक है जाओ.. लेकिन अपना ख्याल रखना ठीक है. तो मैंने कहा कि ठीक है और फिर 22 दिसम्बर को दिल्ली से गोवा हमारी फ्लाईट थी. में और मेरी बहन दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तो वहाँ पर मेरे सभी फ्रेंड मिले जो कि सब अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आए थे. तभी उन्होंने मेरी बहन को देखा जो कि एक सेक्सी बॉम्ब लग रही थी.. उसने एक हरे कलर का गहरे गले का टॉप पहना हुआ था और मिनी स्कर्ट पहनी हुई थी. तो मैंने अपने सभी दोस्तों का उससे परिचय कराया और फिर हम सब फ्लाईट के लिये चले गये. फिर हम गोवा पहुंचे और वहाँ पर मेरे दोस्त ने पहले से ही एक होटल बुक किया हुआ था.. उसने सबको रूम की चाबी दी. फिर हम सब अपने अपने कमरों में चले गये.
फिर हम फ्रेश होकर मिले तो हम घूमने निकल गये.. तो मेरे एक दोस्त ने मुझसे पूछा कि यह तेरी गर्लफ्रेंड तो बहुत ही अच्छा माल है. तो मैंने उसे कहा कि तू चुप रह और ऐसा मत बोल.. तो उसने कहा कि ठीक है. फिर उसने मुझसे पूछा कि यह क्या जालंधर ही रहती है? तो मैंने कहा कि हाँ यह मेरी पड़ोसन है. फिर उसने कहा कि क्या तूने इसे कभी चोदा है? तो मैंने उसे कहा कि तू पागल है क्या? मैंने अभी तुझे मना किया है ना तू ऐसी बातें मत कर. तो उसने कहा कि ठीक है नहीं करता और फिर 22 दिसम्बर की रात को हम सभी ने डिस्को जाने का प्लान बनाया और जब हम सब डिस्को के लिए निकले तो मेरी बहन ने काली कलर की लम्बी फ्रोक पहनी थी. तो मेरे सभी फ्रेंड्स मेरी बहन को घूर घूरकर देख रहे थे और फिर मैंने उनसे कहा कि चलो चलते है. फिर हम डिस्को पहुंचे और अंदर जाकर मेरे सभी फ्रेंड्स तो अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डांस करने लगे.. में और मेरी बहन साईड में एक कुर्सी पर बैठ गये और बातें करने लगे.
तो थोड़ी देर बाद मेरा एक फ्रेंड मेरे पास आया और हमे डांस के लिए बुलाने लगा.. तो मैंने मना किया तो वो थोड़ा फोर्स करने लगा और फिर हम खड़े हुए और डांस फ्लोर पर चले गये. हम दोनों थोड़ा दूर होकर डांस कर रहे थे और मेरे सभी फ्रेंड्स अपनी गर्लफ्रेंड के साथ चिपक-चिपक कर डांस कर रहे थे. फिर मेरे एक फ्रेंड ने मुझे इशारा किया और कहा कि थोड़ा चिपककर डांस करो. तो मैंने अपनी बहन को पास बुलाया और अपना एक हाथ उसकी कमर पर रखा और डांस करने लगा. फिर मैंने अपनी बहन को कहा कि देखा मुझे पता था कि कुछ ऐसा ही होगा.. तभी तो में तुम्हे आने को मना कर रहा था. तो उसने कहा कि कुछ नहीं होता इतना तो नॉर्मल है. फिर मेरा एक फ्रेंड थोड़ा साईंड में अपनी गर्लफ्रेंड को स्मूच कर रहा था और यह देखकर में सोचने लगा कि काश मेरी गर्लफ्रेंड भी यहाँ पर मेरे साथ होती.. इतने में मेरी बहन ने भी उन्हें देख लिया और कहने लगी कि क्या आप अपनी गर्लफ्रेंड को मिस कर रहे हो? मैंने कहा कि हाँ.. तो उसने मुझे गर्दन पर किस किया और कहने लगी कि कोई बात नहीं.
फिर मैंने स्माईल दी और डांस करने लगा और हम सभी करीब 2 बजे होटल वापस आए और हम सब अपने अपने रूम में चले गये. फिर सुबह हुई और हम सब लड़के बीच पर घूमने गये और सभी लड़कियाँ होटल में ही थी. तो मेरे सभी फ्रेंड आखरी रात की बातें करने लगे और कहने लगे कि रात को मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को इतनी बार चोदा, यह किया, वो किया और बहुत कुछ कह रहे थे. तो मेरे दोस्तों ने मुझसे पूछा कि तूने क्या किया? तो मैंने कहा कि मैंने कुछ नहीं किया.. तो वो सब कहने लगे कि क्या तू पागल है और उसे यहाँ पर क्यों लाया है? फिर वो कहने लगे कि यह तेरी गर्लफ्रेंड इतनी सेक्सी है तब भी तूने कुछ भी नहीं किया. फिर मेरा एक फ्रेंड बोला कि अगर मेरी इतनी सेक्सी गर्लफ्रेंड होती तो में पूरी रात चोद चोदकर उसकी चूत फाड़ देता. तो मैंने कहा कि तुम चुप हो जाओ जो होना होगा हो जाएगा और फिर सारे फ्रेंड चुप हो गये. फिर में सोचने लगा कि मेरी बहन वैसे रात को लग तो बहुत सेक्सी रही थी.. लेकिन फिर मैंने दिमाग से निकाल दिया क्योंकि वो मेरी बहन थी. फिर हम सारे होटल वापिस आए और अपने रूम में चले गये.
में जब अपने रूम में गया तो मैंने देखा कि मेरी बहन बाथरूम से नहाकर बाहर निकली थी और उसने अपने शरीर पर टावल लपेटा हुआ था.. लेकिन उसने मुझे नहीं देखा था और में भी थोड़ी देर तक ऐसे ही पीछे चुपचाप खड़ा रहा. मैंने देखा कि उसके बूब्स थोड़े से टावल से नज़र आ रहे थे और उसके सीधे बूब्स के ऊपर एक तिल था और टावल उसकी जांघो से ऊपर तक था और टावल में से उसकी गांड का आकार साफ नज़र आ रहा था. फिर उसने मुझे देखा और कहा कि ओह भैया आ गए आप और उसने अपने कपड़े उठाए और बाथरूम में चली गयी. फिर वो थोड़ी देर बाद बाथरूम से आई और उसने कहा कि वो बाकी लड़कियों के साथ बाहर घूमकर आएगी. फिर में बेड पर लेट गया और अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में सोचने लगा और में सोच रहा था कि काश आज मेरी गर्लफ्रेंड भी मेरे साथ होती तो में भी रात को उसे चोदता और यही सब सोचते हुए मुझे मेरे दोस्तों की बातें याद आने लगी जो वो सुबह कह रहे थे कि मेरी गर्लफ्रेंड मतलब मेरी बहन बहुत सेक्सी है. फिर मेरे दिमाग़ में थोड़ी देर पहले का सीन घूमने लगा जब में रूम में आया था और मेरी बहन टावल में थी और में अपने फ्रेंड की बातों के बारे में भी सोच रहा था और फिर मैंने देखा कि मेरा लंड थोड़ा टाईट हो गया था. फिर में अपनी बहन के बारे में सोचने लगा कि वो टावल में कितनी सेक्सी लग रही थी और उसके गीले बाल, टावल में दिखती टाईट गोल गांड और आधे आधे दिखते गोरे टाईट बूब्स.. अब मेरा लंड पूरा टाईट हो गया था. फिर में बाथरूम में गया और मुठ मारने लगा. मुठ मारते हुए में अपनी बहन के बारे में सोचने लगा और में वो सब सोचकर मुठ मार रहा था कि में अपनी बहन की डॉगी स्टाईल में चूत मार रहा हूँ और उसकी सेक्सी गोल गांड हिल रही है और थोड़ी देर के बाद में झड़ गया और मेरा बहुत सारा वीर्य निकला जो कि पहले कभी इतना नहीं निकला था. फिर में होश में आया और अपनी ग़लती महसूस करने लगा कि वो मेरी बहन है.. लेकिन दिमाग़ में फिर यह बात भी आई की उसको सोचकर मुठ मारने में इतना मज़ा आया है जितना पहले कभी नहीं आया.. तो फिर उसे चोदने में कितना मज़ा आएगा? फिर में बेड पर लेट गया और यह सोचने लगा कि क्या करूं.. उसके साथ सेक्स करूं या नहीं? अगर सेक्स करूं तो कैसे करूं वो मेरी बहन है और उसे सेक्स ले लिए कैसे मनाऊंगा? फिर मैंने सोचा कि हम दोनों यहाँ पर गोवा में अपने घर से बहुत दूर है और ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा और मेरा गोवा का ट्रिप भी मज़े में निकल जाएगा. अब मैंने ठान लिया कि में उसके साथ सेक्स करूँगा और फिर यह सोचने लगा कि उसे कैसे मनाऊं और थोड़ी देर बाद मेरी बहन आई और आकर मेरे पास बेड पर लेट गयी. मुझे उसके जिस्म से बहुत अच्छी खुश्बू आ रही थी.
फिर रात को हम रेस्टोरेंट गये और वहीं पर खाना खाया और साथ में रेड वाईन पी.. मेरी बहन ने रेड वाईन पहली बार पी थी. फिर खाना ख़त्म होने के बाद हम सब बीच पर घूमने चले गये.. हम सब कपल बनकर घूमने लगे. मेरे सब फ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर बैठ गये में भी अपनी बहन को एक कोने में लेकर बैठ गया. मेरी बहन और में बातें करने लगे और फिर मेरी बहन ने बोला कि देखो तुम्हारे सब फ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड के साथ क्या कर रहे है? तो मैंने कहा कि तुम उन्हें मत देखो.. फिर मेरी बहन ने कहा कि क्यों? मैंने कहा कि ऐसे ही.. तो उसने कहा कि क्यों यहाँ पर तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं है इसलिए तुम ऐसे बोल रहे हो. शायद मेरी बहन ने वाईन थोड़ी ज़्यादा पी ली थी इसलिए वो थोड़ा खुलकर बात कर रही थी. फिर मेरी बहन थोड़ा मेरे पास आई और कहा कि अगर तुम्हारी गर्लफ्रेंड यहाँ पर अभी तुम्हारे साथ बैठी होती तो क्या तुम भी यह सब करते? तो में कुछ नहीं बोला.. फिर मेरी बहन ने मेरा हाथ पकड़ा और कहा कि कोई बात नहीं उदास मत हो
फिर मेरी बहन ने देखा कि मेरा थोड़ा मूड खराब है तो उसने मेरे गाल पर किस किया और फिर वो मेरे कंधे पर सर रखकर बैठ गयी और फिर में भी उसके बालों में हाथ फैरने लगा. मेरी बहन थोड़ा मेरे पास आई और कहा कि क्या तुम सच में अपनी गर्लफ्रेंड को मिस कर रहे हो? तो मैंने कहा कि हाँ तो उसने अपना थोड़ा सर उठाया और मेरे चहरे के पास अपना चेहरा लाई और मेरे होंठों के पास आई तो मैंने देखा कि उसकी आंखे बंद हो चुकी थी. फिर मैंने भी अपनी आंखे बंद कर ली और फिर उसने मुझे हल्का सा किस किया. फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने सीधे बूब्स पर रख दिया. उसका बूब्स बहुत ही मुलायम था. फिर वो हटी और कहा कि सॉरी.. तो मैंने कहा कि कोई बात नहीं.. ठीक है. फिर हम सब वापस आए और अपने अपने रूम में चले गये. जब हम सुबह उठे तो मेरी बहन ने मुझे रात के लिए सॉरी कहा.. तो मैंने कहा कि कोई बात नहीं.. ऐसा कभी कभी हो जाता है. फिर हम तैयार हुए और घूमने निकल पड़े.. हमने सारा दिन घूमने में निकाल दिया और रात को वापस आए खाना खाया और सो गये. सुबह मेरे फ्रेंड और में बीच पर घूमने के लिए गये तो मेरे एक फ्रेंड ने कहा कि कल क्रिसमस है तो हम लोग बीच पर पार्टी करते है. तो मैंने कहा कि हाँ बहुत अच्छा आइडिया है और फिर हम सब प्लान करके वापस आ गए. फिर में रूम में आकर लेट गया.. मेरी बहन दूसरी लड़कियों के साथ उनके रूम में थी. तो में रात के बारे में सोचने लगा.. में अपनी बहन के होंठ और उसके बूब्स के अहसास भूल नहीं पा रहा था और मैंने देखा कि मेरा लंड बहुत टाईट हो गया है. में फिर बाथरूम मुठ मारने में गया.. मैंने वहाँ पर देखा कि मेरी बहन की ब्रा और पेंटी बाथरूम में पड़ी है.. तो पहले मैंने अपनी बहन की ब्रा उठाई और उसे सूंघने लगा.. वाहह उसकी ब्रा की क्या खुश्बू थी? में फिर उसकी ब्रा को चूमने लगा.. यह सोचकर कि यह उसके बूब्स है.. फिर मैंने अपनी बहन की पेंटी उठाई और उसे सूंघने लगा वाह उसकी क्या खुश्बू थी.. मुझे उसकी चूत का मज़ा आने लगा और फिर में उसकी पेंटी सूंघते हुए मुठ मारने लगा और थोड़ी देर बाद में झड़ गया. फिर में बाथरूम से बाहर आया और बेड पर लेट गया. अब में अपनी बहन को चोदने के बारे में सोचने लगा. फिर मैंने सोचा कि 25 दिसम्बर को पार्टी के बाद में उसे चोदने की कोशिश करूँगा और मैंने सोचा कि अगर उसने रात को थोड़ी ज़्यादा पी तो हमने किस किया और अगर में कल रात उसे थोड़ी और ज़्यादा पिला दूँ तो शायद मेरा काम बन जाए. फिर में तैयार हुआ और हम सब घूमने निकल पड़े और रात को खाना खाते हुए हमने अपनी पार्टी वाला प्लान लड़कियों को बताया तो वो सभी मान गयी. फिर खाना खाने के बाद हम सब वापस आ गए और अपने रूम में चले गये.
में जब बेड पर लेटा तो सोचने लगा कि कल रात तो में इसी बेड पर अपनी बहन को चोद दूंगा.. यह सोचकर मेरा लंड खड़ा हो गया.. लेकिन मैंने अपने अहसास को कंट्रोल किया और में कल रात होने का इंतज़ार करने लगा और फिर थोड़ी देर बाद में सो गया 25 दिसम्बर की सुबह हम सब तैयार हुए और रात की पार्टी के लिए ज़रूरी समान लाने लगे.. सामान लाते हुए हमे शाम हो गयी और फिर हम सब अपने रूम में चले गये. फिर थोड़ी देर बाद हम सब तैयार हुए. मेरी बहन ने काली मिनी स्कर्ट और काला टॉप पहना हुआ था.. में उसे उस ड्रेस में देखता ही रह गया और में सोच रहा था कि इसे यही पकड़कर चोद दूँ. फिर हम पार्टी के लिए निकले.. पार्टी में हम सब डांस कर रहे थे में और मेरी बहन भी डांस कर रही थी. फिर प्लान के मुताबिक मैंने अपनी बहन को ड्रिंक लाकर दी.. मेरी बहन ने ड्रिंक पी ली और फिर हम डांस करने लगे.. मैंने देखा कि 2-3 शॉट्स के बाद मेरी बहन मुझसे चिपककर डांस कर रही है और में भी इस बात का फायदा उठाने लगा और उसकी कमर पर हाथ घुमाने लगा. फिर मेरी बहन के बूब्स का दबाव मेरे चेस्ट पर पड़ा में तो पागल हो गया था और फिर हमे डांस करते हुए रात के 1 बज गए थे.. फिर हमने 2 बजे तक खाना खाया और फिर हम सब रूम की तरफ जाने लगे.. मेरी बहन नशे में धुत होकर मेरा सहारा लेकर चल रही थी.
फिर हम रूम में पहुंचे तो मेरी बहन एकदम से बेड पर लेट गयी.. मैंने उसे बेड पर लेटे हुए देखा तो मेरा मन किया कि में उसके ऊपर चढ़ जाऊँ.. फिर में अपनी बहन के पास में लेट गया और मैंने उसका हाथ पकड़ लिया.. तो मेरी बहन भी थोड़ा मेरे पास हो गयी. फिर में घूमा और अपनी बहन की जांघ पर अपना हाथ रखा.. लेकिन मेरी बहन ने कुछ नहीं कहा. फिर में अपना हाथ उसकी जांघ पर घुमाते हुए उसकी कमर पर ले गया और फिर मैंने उसका चेहरा अपनी तरफ किया और हम दोनों एक दूसरे की आखों में देख रहे थे. फिर मैंने उसे कहा कि प्रीति क्या बात है आज तुम बहुत हॉट, सेक्सी लग रही हो? तो उसने मुझे स्माईल दी.. फिर मैंने उसे कहा कि प्रीति में अपनी गर्लफ्रेंड को बहुत याद कर रहा हूँ तो उसने कहा कि सच में और यह कहकर वो भी मेरी तरफ को घूम गयी. फिर में उसकी गांड पर हाथ रखकर सहलाने लगा तो उसने कुछ नहीं कहा. फिर मैंने कहा कि प्रीति हम दोनों इतने दिनों से गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड का नाटक कर रहे है.. क्या आज रात तुम मेरी रियल में गर्लफ्रेंड बनोगी? तो यह सुनकर वो बैठ गयी और उसने कहा कि में तुम्हारी बहन हूँ और यह मुमकिन नहीं है. फिर मैंने कहा कि प्रीति हम घर से बहुत दूर है और हमे यहाँ पर कोई नहीं जानता तो क्यों ना इस ट्रिप को हम मज़ेदार बनाए.. हमे ऐसा मौका बार बार नहीं मिलेगा. फिर उसने कहा कि नहीं यह बिल्कुल ग़लत है. फिर मैंने उसे पकड़ा और बेड पर लेटाया और कहा कि प्रीति कुछ ग़लत नहीं है ओर किसी को पता नहीं चलेगा.. इतना कहकर में उसके ऊपर लेट गया और मैंने उसकी गर्दन पर किस करना शुरु कर दिया.. थोड़ी देर तक तो उसने कुछ नहीं कहा फिर वो खड़ी हुई और कहने लगी कि प्लीज़ ऐसा मत करो.. इससे हमारा रिश्ता खराब होगा. तो मैंने कहा कि यह मत सोचो कि हम भाई-बहन है बल्कि यह सोचो कि तुम एक लड़की हो और में एक लड़का हूँ और हम घर से बहुत दूर रात को एक कमरे में है. तो वो बेड पर चुप बैठ गयी.. फिर मैंने उसे पकड़ा और उसके गाल पर किस करने लगा. उसके बालों की खुश्बू मुझे पागल बना रही थी.
फिर उसने मुझे कहा कि प्लीज भाई एक बार फिर सोचो.. तो मैंने कहा कि मैंने सोच लिया है इसमें कोई प्रोब्लम नहीं है. फिर वो कुछ और बोलने लगी इतने में मैंने उसे पकड़ा और उसे होंठ पर किस करने लगा और उसे बेड पर लेटा दिया.. वो कुछ विरोध नहीं कर रही थी. फिर मैंने अपने हाथ से उसके बूब्स दबाने शुरू करे एक मिनट बाद वो भी मेरा साथ देने लगी और हमने 10 मिनट तक किस किया.. में बता नहीं सकता वो कितना मजेदार किस था और हम दोनों ऐसे ही किस कर रहे थे जैसे कि हम भाई-बहन नहीं कोई लवर्स हो. कभी वो अपनी जीभ मेरे मुहं में डालती और कभी में अपनी जीभ उसके मुहं में डालता.. उसके होंठ बहुत ही मुलायम और सुंदर थे. में उसके बूब्स की गहराइयों को चूस रहा था जो कि बहुत सेक्सी है. फिर मैंने अपनी बहन का टॉप उतारा तो मेरी बहन कह रही थी भाई यह सब ठीक तो है ना. तो मैंने उसे होंठ पर किस किया और कहा कि हाँ बेबी सब ठीक है.
फिर मैंने जैसे ही उसका टॉप उतारा उसने गुलाबी कलर की ब्रा पहनी हुई थी.. फिर में उसे किस करने लगा और किस करते हुए मैंने उसकी ब्रा पीछे से खोल दी और उसे बेड पर लेटा दिया. अब में अपनी बहन के बूब्स चूसने लगा और जब में अपनी बहन के बूब्स चूस रहा था तो वो जोर जोर से सांसे लेने लगी और मेरे बालों में अपने हाथ घुमाने लगी. मेरी बहन की सिसकियों की आवाज़े निकल रही थी अहह ओहो बेबी चूसो इन्हें और जोर से अहहहाहा ऑश जोर से बेबी. फिर में खड़ा हुआ और मैंने अपनी बहन की स्कर्ट और पेंटी उतारी उसकी साफ शेव चूत देखकर में पागल हो गया और में उस पर हाथ घुमाने लगा तो मेरी बहन और तेज़ आवाज़े निकालने लगी. फिर में नीचे झुका और अपनी जीभ से उसकी चूत चाटने लगा और जैसे ही मैंने चूत चाटना शुरू किया तो मेरी बहन पागल हो गयी और मेरी बहन मेरा सर पकड़कर अपनी चूत में घुसाने लगी 15 मिनट तक मैंने उसकी चूत चाटी और जब वो झड़ गई तो उसने बेड शीट को कसकर पकड़ लिया. फिर मैंने पूछा कि क्या हुआ? तो वो कुछ नहीं बोली और मैंने अपनी जीन्स और अंडरवियर उतारी और फिर में बेड पर लेट गया और मैंने अपनी बहन से कहा कि मेरा लंड चूसो. तो मेरी बहन ने कहा कि मैंने यह सब पहले कभी नहीं किया.. तो मैंने अपनी बहन को कहा कि कोई बात नहीं तुम बस इसे मुहं में लो.. फिर मेरी बहन ने मेरा लंड अपने मुहं में लिया और चूसने लगी वाह वो क्या अहसास था में बहुत अच्छा महसूस कर रहा था और वो बहुत अच्छी तरह से मेरा लंड चूस रही थी.
मेरी गर्लफ्रेंड ने भी मेरा लंड नहीं चूसा था.. लेकिन मेरी बहन मेरा लंड चूस रही थी और वो भी बहुत अच्छी तरह से. फिर में अपनी बहन के बाल पकड़कर ज़ोर ज़ोर से अपना लंड चुसवाने लगा.. दस मिनट तक मेरी बहन ने मेरा लंड चूसा. फिर मैंने अपनी बहन को बेड पर लेटाया और फिर मैंने उससे कहा कि मेरी जान क्या तुम हॉट सेक्स के लिए तैयार हो? तो उसने कहा कि हाँ में तैयार हूँ. फिर मैंने बेड के साईड से एक कंडोम का पेकेट निकाला और उसमे से कंडोम निकाला. फिर मैंने अपनी बहन को कहा कि मेरे लंड पर कंडोम चढ़ाओ.. तो उसने वैसा ही किया. फिर में अपनी बहन के पैरों के बीच में आ गया और अपना लंड उसकी चूत के होल पर रखा और फिर हल्का सा झटका मारा तो मेरी बहन की हल्की सी चीख निकली आउच अहहहा.. मैंने फिर एक और झटका मारा तो मेरी बहन अहाहाहहहाहा करने लगी. फिर मेरी बहन ने कहा कि अंदर कितना गया? तो मैंने कहा कि अभी तो आधा ही अंदर गया है. तो उसने कहा कि मुझे बहुत दर्द हो रहा है.. तुम अंदर पूरा मत डालना.
फिर मैंने कहा कि जान में पूरा डालूँगा तभी तो तुझे मज़ा आएगा. तो उसने कहा कि और मुझे दर्द होगा तो? मैंने कहा कि बस शुरू में थोड़ा दर्द होगा.. फिर में उसे होंठ पर किस करने लगा और फिर दो मिनट बाद मैंने ज़ोर से एक झटका मारा.. तो मेरी बहन मेरे होंठ पर किस करने लगी और मेरी पीठ पर अपने नाख़ून गड़ाने लगी. फिर दो मिनट तक में उसके ऊपर ऐसे ही लेटा रहा और फिर मैंने हल्के हल्के झटके मारना शुरू किया. मेरे हर एक झटके के साथ उसकी चीख निकल रही थी.. अहहा अहाहा अहहहः 5 मिनट तक में उसे ऐसे ही चोदता रहा. अब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो वो बहुत सेक्सी आवाज़े निकालने लगी.. अहहाहा उह्ह्ह हाँ ऐसे ही बेबी और जोर से.. अओह्ह्ह बेबी चोदो मुझे और जोर से अहहहहा. तो यह सब सुनकर मेरा जोश और बढ़ गया और में उसे ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.. वो भी अपनी गांड उठा उठाकर मुझसे चुदवा रही थी 10 मिनट तक में उसे ऐसे ही चोदता रहा. फिर में बेड पर लेट गया और वो मेरे लंड पर बैठ गयी और उछलने लगी.
में उसे देख रहा था.. वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी.. उसके बाल उसके चहरे पर आए हुए थे और उसके बूब्स जोर जोर से उछल रहे थे और 5 मिनट तक मैंने उसे इसी पोज़ में चोदा. फिर मैंने उसे डॉगी स्टाईल में चोदा उसकी गांड मेरी जांघ से टकरा रही थी.. 5 मिनट तक मैंने उसे डॉगी स्टाईल में चोदा और फिर मैंने उसे दोबारा बेड पर लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया और एक बार फिर में उसे ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा. तो उसने मुझे नीचे खींचा और वो मेरी गर्दन और कंधों पर किस करने लगी और अपने नाख़ून मेरी पीठ पर मारने लगी.. जब उसने मेरी गर्दन और कंधों पर किस किया तो मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और अब उसकी चूत में मेरा लंड पूरा अंदर बाहर हो रहा था और छप छप की आवाज़ भी आ रही थी.. जो कि मुझे बहुत अच्छी लग रही थी. मैंने जब भी अपनी गर्लफ्रेंड को चोदा है तो इतनी अच्छी आवाज़ कभी नहीं आई. मेरी बहन की गांड और जांघ बहुत सेक्सी है और बहुत अच्छे आकार में. तभी इतनी मस्त छप छप की आवाज़े आ रही थी और फिर मेरा लंड झड़ने वाला था तो में ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा और एक मिनट के बाद झड़ गया. जैसे ही में झड़ा तो मेरे मुहं से एक आवाज़ निकली अहहहः और में अपनी बहन के ऊपर लेट गया. फिर मैंने देखा कि हम दोनों को बहुत पसीना आया हुआ है और जब भी मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को चोदा तो मुझे इतना पसीना कभी नहीं आया.. हो सकता है कि मेरी बहन की चूत टाईट और बहुत गरम थी शायद इसलिए इतना पसीना निकल गया. फिर हम दोनों सो गये और फिर हम सुबह उठे तो मेरी बहन मेरे ऊपर आकर लेट गयी और कहा कि बेबी तुम बहुत गरम हो.. तुमने कल रात मुझे बहुत मजे दिए. फिर मैंने भी कहा कि जान तुम भी बहुत गरम गरम और एकदम सेक्स बॉम्ब हो.. मेरी गर्लफ्रेंड को चोदने में कभी इतना मज़ा नहीं आया जितना कल रात तुम्हे चोदने में आया है. तो मेरी बहन ने कहा कि तो क्या अब हम गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड की तरह रह सकते है? तो मैंने कहा कि हाँ मेरी जान.. तो उसने मुझे स्माईल दी और कहा कि तू बहुत अच्छा है बहनचोद और मुझे किस करने लगी. फिर जब तक हमारा ट्रिप ख़त्म हुआ मैंने अपनी बहन को रोज़ 2 या 3 बार चोदा.. लेकिन नये साल की रात को मैंने उसे 5 बार चोदा और वो भी बिना कंडोम के और मैंने अपना सारा वीर्य भी उसकी चूत में ही डाल दिया.

दोस्तों अगर तुम्हे सबसे टाईट और गरम चूत मिल सकती है तो वो तुम्हारी बहन की ही होगी उसके जैसी हॉट और टाईट चूत तुम्हे कहीं भी नहीं मिल सकती. जो मज़ा तुम्हे तुम्हारी बहन को चोदने में आएगा वो मज़ा तुम्हे कोई लड़की नहीं दे सकती ..

Tuesday, March 17, 2015

घर की बात

मैं आप लोगों को आज अपने जीवन की एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ।। मेरा नाम राहुल है और मैं एक बिज़नसमैन हूँ। मेरे घर में हम चार लोग हैं- पिताजी, माँ, मैं, और मेरी छोटी बहन !
बात आज से 4 साल पहले की है जब मैं बारहवीं कक्षा में था, मेरी बहन दसवीं में थी। मेरे पिताजी अक्सर घर देर से ही आते थे क्योंकि बिज़नस की वज़ह से उन्हें देर हो जाती थी और माँ ज्यादातर अपने घर के काम में या फिर टीवी देखने में व्यस्त रहती थी। मेरी बहन जिसका नाम रिया है अधिकतर पढ़ाई करती रहती थी।
मैंने कभी उसे गलत नज़र से नहीं देखा था। मगर एक दिन मैं अपने कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देख रहा था कि एकदम से रिया मेरे कमरे में आ गई मैंने उसको देखते ही कंप्यूटर बंद कर दिया मगर उसने सब देख लिया था लेकिन वो कुछ बोली नहीं। मैं उससे कुछ नहीं कह पाया, वो हिम्मत करके मेरे पास आई और बोली- भईया मुझे यह सवाल नहीं आ रहा, इसको हल करने में मेरी मदद करो। मैंने कहा- ठीक है !
लेकिन मैं उससे नज़रें नहीं मिला पा रहा था। मैंने उसका सवाल हल कर दिया। फिर वो जाने लगी तो मैंने उससे बोला- जो भी तुमने देखा है, वो किसी को मत बताना !
तो वो बोली- भईया, मैं किसी को नहीं बताउंगी पर यह सब अच्छी चीज़ नहीं हैं, आप मत देखा करो !
मैंने उससे कहा- ठीक है !
फिर वो चली गई लेकिन उस दिन मुझे उसे देख कर कुछ अजीब सा महसूस हुआ, मेरे दिल में उसके लिए गलत ख्याल आने लगे। मैं आपको बता दूँ कि रिया देखने में बहुत ही सेक्सी है। उसका फिगर 34-26-34 है, रंग हल्का साँवला है। जो भी उसको एक बार देख ले, उसका लंड अपने आप ही खड़ा हो जाए।
दो दिन बाद दोपहर के वक़्त माँ घर का काम निपटा कर सो रही थी और मैं अपने कमरे में पढ़ रहा था। इतने में रिया आई और बोली- भईया उठो, मुझे एक सवाल समझ नहीं आ रहा, मुझे समझा दो।
तो मैं उठ कर उसे सवाल समझने लगा। लेकिन आज उसके मेरे पास बैठने से मुझे कुछ-कुछ हो रहा था, उसकी खुशबू मेरी साँसों में भर रही थी। मैं सवाल पर ध्यान नहीं लगा पा रहा था कि इतने में वो बोली- भईया, क्या बात है ?
तो मैं बोला- मुझे बहुत नींद आ रही है इसलिए मैं यह सवाल नहीं कर पा रहा हूँ !
तो वो बोली- भईया, नींद तो मुझे भी आ रही है ! ऐसा करते है ख़ी कुछ देर के लिए सो जाते हैँ, बाद में सवाल कर लेंगे।
इतना कह कर वो आपने कमरे की तरफ जाने लगी तो मैंने उससे कहा- रिया, कहां जा रही है? यहीँ पर सो जा ! थोड़ी देर में तो उठ कर सवाल करना ही है।
तो वो बोली- ठीक है !
फिर वो मेरे बगल में आकर सो गई। मैं भी सोने का नाटक करने लगा। लेकिन नींद तो आ ही नहीं रही थी। थोड़ी देर ऐसे ही रहने के बाद मैंने आपना एक हाथ हिम्मत करके उसके चूचों पर रख दिया और कोई हरकत नहीं की ताकि उसको ऐसा लगे कि गलती से नींद में रखा गया हो।
थोड़ी ही देर में उसकी साँसें तेज चलने लगी। फिर मैंने हिम्मत करके उसकी टांग के बीच अपनी टांग फंसा दी। अब वो मेरी पकड़ में थी, उसकी साँसे बहुत तेज चल रही थी पर उसने अभी तक कोई विरोध नहीं किया तो मेरी हिम्मत बढ़ गई।
मैंने अपने हाथ से उसके चूचे मसलना चालू कर दिया, कुछ देर बाद वो बोली- भईया, यह क्या कर रहे हो?
तो मैंने उससे साफ़ साफ़ कह दिया- मैं तुझे प्यार करता हूँ और जब भी तू मेरे सामने आती है तो मैं अपने होश खो बैठता हूँ।
वो बोली- भईया, यह सब सही नहीं है ! अगर किसी को पता चल गया तो? और वैसे भी हम भाई-बहन हैं।
मैंने उससे कहा- किसी को पता नही चलेगा ! और भाई-बहन हैं लेकिन हैं तो लड़का-लड़की ! इतना तो सब में ही चलता है ! आखिर एक दिन तो तुम्हें किसी न किसी से चुदना ही है तो अपने भाई से ही क्यों नहीं !
इतना कह कर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और पैंटी के अन्दर हाथ डाल कर उसकी चूत सहलाने लगा। वो सिसकारियाँ लेने लगी और साथ में हल्का सा विरोध भी कर रही थी। तो मैंने उससे कहा- तुम मेरा साथ दो तो तुम्हें बहुत मज़ा आएगा और घर की बात घर में ही रहेगी।
तो उसने करवट ली और मेरे चेहरे के सामने अपना चेहरा ला दिया और बोली- ठीक है, लेकिन किसी को पता नहीं चलना चाहिए !
मैंने उससे कहा- तू फिक्र मत कर !
फिर उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और दस मिनट तक हम एक दूसरे के होंठ चूसते रहे। फिर उसके बाद मैंने उसका कुरता उतार दिया और फिर ब्रा भी उतार दी।
क्या क़यामत लग रहे थे उसके चूचे !
मैंने एक चूचे को मुँह में ले लिया और दूसरे को हाथ से मसल रहा था और उसकी सिसकारियाँ बढ़ती ही जा रही थी। फिर उसने मेरी पैंट खोल कर मेरा लंड पकड़ लिया और उसे अपने हाथ से दबाने लगी। मुझे लगा जैसे कि मैं जन्नत में पहुँच गया।
इतनी में मैंने उसकी जींस और पेंटी नीचे सरका दी। फिर उसने मेरी टी-शर्ट भी उतार दी। अब हम दोनों बिल्कुल नंगे एक दूसरे के बगल में लेटे थे। मैंने देर न करते हुए उसे अपनी बाहों में समेट लिया और कहा- मैं तुम्हारे बदन की गर्मी लेना चाहता हूँ, इसका अहसास लेना चाहता हूँ !
रिया बोली- केवल आप ही नहीं मैं भी यही चाहती हूँ !
उसका इतना कहना था कि मैं तो खुशी से पागल हो गया। फिर मैंने अपनी जीभ से उसका पूरा बदन चाटा, फिर मैं उसकी टांगों के बीच गया और उसकी गुलाबी पंखुड़ी वाली चूत मेरी आँखों के सामने थी। उसकी चूत में हल्के-हल्के बाल थे। मैंने जैसे ही अपनी जीभ उसकी चूत पर रखी, वो तो जैसे पागल ही हो उठी और उसके पूरे शरीर में एक करंट सा दौड़ गया।
वो बोली- भईया, मैं मर जाउंगी !
और मैंने उसकी चूत के अन्दर अपनी जीभ घुसा दी तो वो बोली- भईया, मुझे भी आपका लंड चूसना है !
तो हम 69 की मुद्रा में आ गए। अब हम दोनों 10 मिनट तक एक-दूसरे को ऐसे ही चूसते रहे और फिर हम दोनों एक एक करके झड़ गए। इसके बाद हम दोनों एक दूसरे के ऊपर लेट गए। थोड़ी ही देर में हम फिर से गर्म हो गए और मैं उसकी चूत में ऊँगली करने लगा तो वो बोली- भईया, अब नहीं रहा जाता ! अपना लंड अन्दर डाल दो !
मैं उसकी टांगो के बीच आ गया, उसकी चूत अभी कुँवारी थी और मैं उसे दर्द नहीं पहुँचना नहीं चाहता था, इसलिए मैंने पहले अपने लंड पर थोड़ा सा थूक लगाया, फिर उसकी चूत पर भी थूक से मालिश कर दी। मेरा लुंड सात इंच लम्बा और तीन इंच मोटा है।
उसके बाद मैंने अपना लंड रिया की चूत पर लगाया और हल्के-हल्के लंड को अन्दर करने लगा, पर जा नहीं रहा था इसलिए मैंने एक हल्का सा धक्का लगा दिया तो रिया जैसे तड़प सी गई और उसके मुँह से आह की आवाज़ निकल गई। मेरे लंड का सुपारा अन्दर जा चुका था। फिर मैं थोड़ी देर के लिए रुक गया और उसके चूचे मुँह में लेकर चूसने लगा। फिर थोड़ी देर बाद मैंने हल्के-हल्के लंड अन्दर डालना चालू किया और बीच बीच में हल्का सा धक्का भी मार देता था जिससे कि उसकी चीख निकल जाती थी। लेकिन मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख रखे थे जिससे उसकी चीख बाहर न जाये। अब तक मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जा चुका था। उसकी चूत बहुत ही कसी थी और मैं हल्के-हल्के अपने लंड को अन्दर-बाहर करने लगा। शुरु में तो उससे थोड़ा दर्द हुआ पर फिर उसे भी मज़े आने लगे और वो अपनी गांड उठा उठा कर मेरा साथ देने लगी।
अब हम दोनों चुदाई का पूरा आनंद ले रहे थे। वो कह रही थी- भईया और जोर से !
मैं भी रिया से कह रहा था- देख ! बहन को अपने भाई से चुदने में कितना मज़ा आता है !
वो बोली- हाँ भईया, सही में बहुत मज़ा आ रहा है ! यह तो सबको करना चाहिए ! लेकिन दुनिया के ये झूठे रिवाज़ हमें रोके रखते हैं। भईया, मैं तो ये सोचती हूँ कि कोई भी किसी के साथ भी चुदाई कर सकता है। इससे क्या फर्क पड़ता है कि वो रिश्ते में क्या लगते हैं, आखिर वो हैं तो मर्द और औरत ही !
और हम ऐसे ही बातें करते करते चुदाई का आनंद लेते रहे। शायद रिया एक बार झड़ चुकी थी, अब मैं भी चरम सीमा तक पहुँच चुका था और फिर उसके बाद हम दोनों एक साथ एक दूसरे में समां गए और अपना अपना पानी एक दूसरे में मिला दिया और एक दूसरे को पूरी ताकत से पकड़ लिया।
फिर हम दस मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे और उसके बाद बाथरूम में जा कर एक दूसरे को साफ़ किया। हम लोग उस वक़्त भी बिलकुल नंगे थे, मुझे रिया के चूतड़ दिखाई दिए बिल्कुल गोल-गोल और मुलायम ! बिल्कुल गोरे-गोरे और चिकने !
मेरा लंड फिर से जोर मारने लगा। मैं उसके पास गया और उसे अपनी बाहों में उठा लिया और ले जाकर उसे फिर से बिस्तर पर डाल दिया।
वो बोली- भईया, अब क्या?
मैंने उससे कहा- बहन, मुझे तेरी गांड मारनी है !
तो वो बोली- नहीं भईया ! मुझे बहुत डर लगता है, गांड मरवाने में तो बहुत दर्द होगा !
तो मैंने उससे कहा- मैं दर्द नहीं करूँगा, आराम आराम से करूँगा !
वो बोली- भईया, मार लेना मेरी गांड, लेकिन अभी नहीं, अभी बहुत देर हो गई है और माँ भी उठने वाली होगी हम गांड का प्रोग्राम किसी और दिन करेंगे।
मैं मान गया और उसके होठों का एक लम्बा चुम्मा लिया और उसके चूचे भी दबाये। फिर हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और फिर रिया चाय बनाने चली गई।
मैंने और रिया ने मिलकर चाय पी। फिर वो अपने कमरे में चली गई।
रिया की चूत मारने के बाद मैं उसकी गांड मारना चाहता था लेकिन जब भी उससे इस बारे में कहता तो वो मना कर देती, वो शायद गांड मरवाने से डरती थी और मम्मी को पता न लग जाये इस बात से भी डरती थी। मैं भी उसके मन की बात समझ गया था इसलिए ज्यादा दबाव भी नहीं डालता था और सही समय का इंतजार करने लगा।
किस्मत खुली और वो घड़ी भी आ गई। आखिर आती कैसे नहीं, इंतज़ार भी तो बहुत किया। और कहते हैं कि जो मुराद सच्चे दिल से मांगी जाये वो ज़रूर पूरी होती है।
21 जुलाई को हमारी मौसी की लड़की की शादी थी और मेरे और मेरी बहन की परीक्षाएँ शुरु होने वाली थी, इसलिए मम्मी और पापा ने जाने का कार्यक्रम बना लिया।
20 जुलाई को ही पापा और मम्मी रात वाली ट्रेन से चले गए, मैं उन्हें ट्रेन तक छोड़ने गया था, मम्मी पापा के जाने से मेरे दिल में एक अजीब सी खुशी थी।
मैं जब घर वापिस आया तो रिया अपने कमरे में बैठीं पढ़ रही थी। शायद वो इस बारे में बात नहीं करना चाहती थी क्योंकि उसको पता था कि मैं उसकी गांड मरूँगा और वो इस बात से थोड़ी घबराई हुई थी।
मैं अपने कमरे में गया और कपड़े बदल कर लेट गया, मैं उसकी इच्छा के बिना उसके साथ कुछ भी नहीं करना चाहता था। लेटे-लेटे मैंने सोचा कि क्यों न जाकर रिया से बात की जाये। मैं सीधे रिया के कमरे में पहुँच गया। रिया लेटी हुई कुछ सोच रही थी और उसका एक हाथ उसकी पेंटी के अंदर था। उसने जैसे ही मुझे देखा, वो चौंक कर खड़ी हो गई और अपना हाथ पेंटी में से निकाल कर पीछे कर लिया।
मैं जानता था कि रिया का भी चुदने का मन कर रहा है, लेकिन मैं पहले उससे बात करना चाहता था इसलिए मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे पलंग पर बैठा दिया। वो सर झुकाए बैठी थी, मैंने उसका हाथ अपने हाथ में लिया और उससे पूछा- क्या बात है रिया ? तुम उस दिन के बाद से मुझसे दूर क्यों भागती हो? क्या तुम्हें उस दिन मज़ा नहीं आया था या कोई और बात है?
रिया की धड़कन तेज हो गई और उसका हाथ जो मेरे हाथ में था वो काँप रहा था।
मैंने अपना हाथ उसके कंधे पर रखा और उससे कहा- रिया डरो मत ! मुझसे जो कुछ भी कहना है, खुल कर कहो !
रिया- भैया, आपने उस दिन मुझसे कहा था कि आप मेरी गांड मारना चाहते हैं लेकिन मुझे गांड मरवाने से बहुत डर लगता है।
मैं हंसने लगा तो वो बोली- भैया, आप हंस क्यों रहे हो?
मैंने उससे कहा- अरे पगली ! बस इतनी सी बात और तू इतना घबरा रही है? तुझे क्या लगता है मैं तुझे दर्द करूँगा? तुझे तो चूत मरवाने में भी डर लग रहा था ! बता कहीं दर्द हुआ क्या?
मैंने उससे कहा- तू चिंता मत कर ! मैं तुझे बहुत आराम से चोदूँगा जिससे तुझे ज़रा भी दर्द न हो !
फिर मैंने उसके बाल गर्दन से हटा कर उसे चूम लिया। उसके मुँह से एक सिसकारी सी निकल गई और वो मेरी बाहों में सिमट गई।
मैंने पहले उसे उसके माथे पर चूमा, फिर गाल पर और फिर अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए। वो मेरी बाहों में ऐसे सिमट गई जैसे की गरम तवे पर मक्खन पिघलता है। हम दोनों एक दूसरे के होठों को ऐसे चूस रहे थे जैसे कि एक दूसरे का सारा रस आज पी जायेंगे, हम दोनों एक दूसरे की सांसें अब आपस में बदल रहे थे।
मैंने फिर उसे गोद में उठाया और स्टूल पर बिठा दिया फिर उसका टॉप उतार दिया। रिया ने आज अन्दर से लाल रंग की ब्रा पहन रखी थी, उसके दूध अब ब्रा से आज़ादी चाहते थे। मैंने उसकी ब्रा का हुक खोला तो एक ही झटके में उसकी ब्रा ज़मीन पर पड़ी थी और उसके चूचे मेरे सामने थे। मैंने उसके एक चूची को अपने मुंह में भर लिया और दूसरी को हाथ से दबाने लगा। रिया के मुँह से सेक्सी सिसकारियाँ निकलने लगी।
उसने मेरी टी-शर्ट उतार फेंकी। मैंने उसके बदन को अपने बदन से चिपका लिया। फिर रिया ने मेरे पजामे का नाड़ा खोल दिया और उसे नीचे सरका दिया। फिर मेरी चड्डी भी निकाल दी और मेरे लंड को हाथ में लेकर दबाने लगी।
मैंने भी देर न करते हुए उसका लोअर नीचे सरका दिया और उसे गोद में उठा कर पलंग पर गिरा दिया। मुझ पर सेक्स का भूत सवार हो चुका था। मैंने उसकी पेंटी फाड़ डाली और जीभ निकाल कर उसकी चूत चाटने लगा।
हम दोनों बिल्कुल नंगे एक दूसरे के शरीर के साथ खेल रहे थे।
फिर रिया बोली- भैया, मुझे भी चूसना है !
मैंने कहा- क्यों नहीं बहन !
फिर हम 69 की अवस्था में आ गए। 5 मिनट बाद ही मैं उसके मुँह में झड़ गया और रिया ने भी अपना पानी छोड़ दिया। हम दोनों ने चाट-चाट कर एक दूसरे को साफ़ किया।
थोड़ी देर बाद ही हम दोनों फिर से तैयार हो गए। अब मैंने देर न लगाते हुए रिया की चूत पर अपना लंड रख दिया और 2-3 झटकों में ही लंड रिया की चूत के अन्दर था। रिया के मुँह से हल्की सी चीख निकल गई। फिर थोड़ी देर रुकने के बाद मैंने धक्के लगाने चालू किये। करीब 20 मिनट की दमदार चुदाई के बाद मैं रिया के चूत में बह गया। तब तक रिया दो बार स्खलित हो चुकी थी।
हम दोनों बहुत थक चुके थे। मैं रिया से चिपक कर लेट गया। रिया शायद बहुत थक गई थी इसलिए वो करवट बदल कर गांड मेरी तरफ कर के लेट गई। मेरे सोये हुए लंड को जैसे ही उसकी कोमल गांड का स्पर्श हुआ, वो फिर से खड़ा हो गया। रिया को भी इस बात का एहसास हो गया था मगर वो कुछ बोली नहीं, तो मेरी हिम्मत भी थोड़ी बढ़ गई। मैंने अपना लंड उसकी चिकनी गांड पर रखा और बाहर से ही रगड़ने लगा।
शायद उसकी गांड में भी खुजली होने लगी थी, वो बोली- भैया, मुझे लगता है, आप मेरी गांड मारे बिना मानोगे नहीं !
मैंने उससे कहा- बहन, तेरी गांड है ही इतनी प्यारी कि जब भी इसे देखता हूँ, अपने आप को रोक नहीं पाता हूँ।
तो वो बोली- ठीक है भैया ! आज रात मैं पूरी आपकी हूँ, जो चाहे कर लो ! लेकिन आपकी बहन की ही गांड है, ज़रा प्यार से मारना ! कहीं फाड़ मत देना !
मैंने कहा- तू चिंता मत कर ! बस मेरा साथ दे !
तो वो बोली- ठीक है !
मैंने पास में रखी क्रीम उठा ली और अच्छी तरह से रिया की गांड में लगा दी। फिर मैंने अपना लंड रिया की गांड पर रखा और उसे हल्के से दबाया लंड का सुपारा अन्दर चला गया और रिया दर्द के मारे चिल्ला पड़ी।
मैंने रिया से कहा- बहन, अपनी सांस अन्दर खींच कर रख !
और फिर मैंने थोड़ा सा लंड और दबाया। अब तक आधा लंड अन्दर जा चुका था। फिर मैंने हल्के से लंड अन्दर-बाहर करना चालू किया। रिया को थोड़ा दर्द भी हो रहा था लेकिन थोड़ी ही देर में उसका सारा दर्द गायब हो गया और वो मुझसे बोली- भैया, थोड़ा और अन्दर डालो ना !
मैंने लंड को हल्के-हल्के दबाना शुरु किया और कुछ ही देर में मेरा पूरा लंड रिया की गाण्ड के अन्दर था। मैं उसे ज्यादा दर्द नहीं पहुँचाना चाहता था इसलिए थोड़ी देर रुक कर मैंने हल्के-हल्के धक्के लगाने शुरु किये। थोड़ी देर में रिया को भी मज़ा आने लगा तो वो भी चूतड़ उछाल-उछाल कर गांड मरवाने लगी। उसके लटकते हुए चूचों को मैंने अपने दोनों हाथों में दबा लिया और खूब मसला और उसकी पीठ को खूब चूमा और चाटा।
करीब आधे घंटे तक यह महायुद्ध चलता रहा। उसके बाद मैंने अपना पानी रिया की गाण्ड में छोड़ दिया। उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर सो गए।
अगली सुबह जब मैं उठा तो देखा कि रिया नहा धो कर किचन में नाश्ता बना रही है। मैं पीछे से उसके पास गया और उसकी चूचियाँ पकड़ ली और अपना लंड उसकी गांड में टिका दिया।
वो बोली- भैया, आपने रात को क्या किया, सुबह मुझसे चला भी नहीं जा रहा था।
मैंने उसे कहा- शुरु में ऐसा होता है, लेकिन अब तुझे कभी तकलीफ नहीं होगी। लेकिन यह तो बता कि रात को तुझे मज़ा आया या नहीं?
तो वो बोली- भैया, मज़ा तो बहुत आया ! मुझे तो पता ही नहीं था कि गांड मरवाने में इतना मज़ा आता है !
उसका इतना कहना था कि मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी पेंटी उतार दी। बाकी कपड़े उसने खुद ही उतार लिए। मैं तो नंगा था ही !
मैंने उसे गोद में उठा कर किचन की स्लैब पर उल्टा लेटा दिया और उसकी गांड में अपना लंड पेल दिया। उसकी गांड मारने के बाद उसकी चूत मारी।
दो दिन तक घर में हम दोनों अकेले थे और दो दिन में हम दोनों ने दो महीनों के बराबर सेक्स किया। सेक्स का जो तूफान हमारे दिलों में उबल रहा था उसे हमने दो दिन में शांत कर दिया।
फिर दो दिन बाद मम्मी पापा आ गए और हम अपनी परीक्षा की तैयारी में लग गए, लेकिन जब भी मौका मिलता तो हम चौका मारना नहीं छोड़ते।
दोस्तो, इस तरह मैंने रिया की गांड मारी।
यह कहानी बिलकुल सच्ची है। मुझे आपके खतों का इंतज़ार रहेगा।

मिनी का वीडियो

मैं रजत एक हृष्ट-पुष्ट लड़का हूँ, मेरी उम्र साढ़े उन्नीस की वर्ष है। मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ और आज आप सबको अपने जीवन का एक ऐसा सच बताने वाला हूँ जिसे अधिकतर सब गुप्त ही रखते है। पाठकों को मैं यह बताना चाहूँगा कि इस लेख की रचना तो मैंने ज़रूर की है लेकिन मेरी बहन मीनाक्षी ने ही मेरी इस कहानी को संपादित किया है और वही इस कहानी की प्रेषिका भी है। मैं अपनी इस रचना को अपनी बहन मीनाक्षी को समर्पित कर रहा हूँ क्योंकि वह ही इसकी असली हकदार है।
यह घटना लगभग पाँच माह पहले की है जब गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू ही हुई थी और एक महीने की छुट्टियों पर मेरी इक्कीस साल की बहन मीनाक्षी (मिनी) हॉस्टल से घर आई हुई थी। मिनी दिल्ली के एक मेडिकल कॉलेज में ऍम बी बी एस के तीसरे वर्ष की छात्रा है, वह मुझे से लगभग डेढ़ वर्ष बड़ी है लेकिन फिर भी अभी तक हम दोनों की एक दूसरे से बिल्कुल नहीं बनती थी, हम दोनों हर वक्त दो छोटे बच्चों की तरह एक दूसरे लड़ते झगड़ते और मार-पीट करते रहते थे।
क्योंकि मिनी के लड़की होने के नाते और घर से दूर हॉस्टल में रहने के कारण मेरे माँ और पापा, हमेशा उसका पक्ष ही लेते थे और उसे नहीं बल्कि हमेशा मुझे ही डांट देते थे, इसी कारण मैं हमेशा मिनी से बदला लेने की फिराक में रहता था और उसकी कोई न कोई कमजोरी ढूँढने में लगा रहता था लेकिन वह बहुत ही चालाक थी और मेरे को किसी बात का भी पता नहीं लगने देती थी।
मिनी को घर आये दूसरी रात ही हुई थी जब यह घटना घटित हुई जिसने हमारी लड़ाई झगडों को दूर कर हम दोनों के बीच में एक अटूट प्रेम की नींव डाल दी जो आज भी कायम है।
उस रात को बारह बज चुके थे, घर में सब सो रहे थे, अचानक हाल में से फ्रिज का दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ से मेरी नींद खुल गई। मैंने उठ कर हाल में जाकर देखा लेकिन वहाँ किसी को भी नहीं पाया। मैंने घर के सामने और पीछे के दरवाज़ों का निरीक्षण किया और उन्हें भी बंद पाया। इसी असमंजस में कि वह आवाज़ किसने की होगी, मैं अपने सिर खुजलाता हुआ अपने कमरे की ओर चल दिया। जब मैंने माँ और पापा के कमरे के बाहर खड़े होकर उनकी आहट सुनने के चेष्टा की तो पापा के खर्राटे सुनाई दिए। तब मैंने मिनी के कमरे के बाहर खड़े होकर आहट सुनने की कोशिश की लेकिन मुझे कुछ ठीक से सुनाई ही नहीं दिया। आखिर में जब मैं अपने कमरे की तरफ बढ़ने लगा तभी मुझे मिनी के दरवाज़े के नीचे से बाहर आती हुई रोशनी पर नजर पड़ी तो मेरे पाँव वहीं रुक गये।
जैसे ही मैंने दरवाज़े को हाथ लगाया तो उसे खुला हुआ पाया और मेरा हाथ लगते ही वह थोड़ा सा खुल भी गया। मैंने दरवाज़ा को हल्का सा धकेल कर थोड़ा और खोल कर अंदर झाँका तो दंग रह गया !
मैंने देखा कि मिनी अपने बिस्तर पर बिल्कुल नग्न, दोनों टांगें चौड़ी कर के लेटी हुई थी और उसके हाथ में एक आठ इंच लंबा और डेढ़ इंच मोटा बैंगन था जिस पर वह कंडोम चढ़ा कर अपनी चूत के अंदर बाहर कर रही थी !
यह सब देख कर मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ कि अब मुझे मिनी से बदला लेने का मौका मिल गया था। मैं भाग कर अपने कमरे में गया और अपना हैंडी-कैम ले आया और उस थोड़े से खुले दरवाज़े में से मिनी के उस करतूत की वीडियो बनाने लगा। वीडियो बनाते समय मैंने कुछ दूर के और कुछ क्लोज-अप नज़ारे भी रिकार्ड किये। क्लोज-अप सीन में जो मैंने देखा था उससे हुई उत्तेजना के कारण मेरा साढ़े सात इंच लंबा और दो इंच मोटा लौड़ा एकदम तन गया था। मैं मिनी के गुप्तांगों को पहली बार देख रहा था इसलिए उत्तेजित होना तो स्वभाविक था, लेकिन उस समय मेरे मन में आ रहे विचारों का उस उत्तेजना में ज्यादा सहयोग था।
लगभग बीस मिनट तक मैं मिनी का वीडियो बनाता रहा और जब उसने बैंगन निकल कर एक तरफ़ रख दिया और चादर औढ़ कर बैड-स्विच से लाईट बंद करने लगी तब मैं वहाँ से हट गया। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।
उसके बाद मैंने अपने कमरे में जाकर उस वीडियो को अपने लैपटॉप में डाउनलोड किया और उस वीडियो को तीन सी.डी. में भी रिकॉर्ड कर दी। दो सी.डी. तो मैंने अपनी अलमारी के लॉकर में छुपा कर रख दीं और एक सी.डी. को मैंने अपनी मेज़ के दराज़ में रख दिया। इसके बाद मैंने उस वीडियो को दो बार चला कर देखा और बढ़िया क्लोज-अप सीन देख कर इतना उत्तेजित हुआ कि दो बार मुठ भी मार ली। वीडियो बहुत ही बढ़िया बनी थी, बिल्कुल इंटरनेट में दिखने वाली वीडियो की तरह थी। मैं यह सोच कर रोमांचित हो रहा था कि जब यह वीडियो मिनी देखेगी तो उसकी क्या प्रतिक्रिया होगी।
रात के तीन बज चुके थे, मैंने लाईट बंद की और यह सी.डी. मिनी को कैसे दिखाऊँ इस के बारे में सोचते सोचते सो गया। सुबह नौ बजे मेरी नींद खुली तो मैं हाल में गया और वहां मिनी को देख कर मुझे रात का सारा दृश्य मेरी आँखों के सामने घूम गया और मैं वह सी.डी. मिनी को कैसे दिखाऊँ के बारे में फिर से सोचने लगा।
इसी उलझन में मैं तैयार होकर जब नाश्ते के लिए मेज़ पर आया तो माँ ने बताया कि वह और पापा उसी दिन कुछ देर के बाद शहर से बाहर जा रहे थे और अगले दिन रात तक ही वापिस आयेंगे। जाते जाते माँ ने कई निर्देश दिए कि हम दोनों बहन भाई कोई झगड़ नहीं करेंगे और कामवाली को भी तंग नहीं करेंगे तथा कामवाली को रात के लिए बिस्तर देकर रसोई में ही सुला देंगे।
मैं बहुत खुश था कि आज से लेकर अगले दिन रात के बीच में मुझे कभी न कभी तो मिनी को वह सी.डी. दिखाने का मौका मिल ही जायेगा।
दस बजे माँ और पापा जी चले गए, तब मिनी ने कहा- मैं शॉपिंग के लिए बाज़ार जा रही हूँ, दो तीन घंटे में वापिस आऊँगी, तू घर में ही रहना !
मिनी के जाने के बाद मैं कुछ देर तो हॉल में बैठा सोचता रहा और फिर मैंने मेज़ के दराज़ से सी.डी. निकाल कर मिनी के कमरे गया और उस वीडियो को उसके लैपटॉप में लोड कर दिया, फिर लैपटॉप को ऐसे सेट कर दिया कि जब भी मिनी लैपटॉप को चलाएगी तो वह सी.डी. चालू हो जाए और वह वीडियो अपने आप चलने लगेगा !
मैंने सी.डी. को इसीलिए मिनी के लैपटॉप के सी.डी. प्लयेर में ही छोड़ दी और उसको बंद करके वहीं रख दिया तथा अपना लैपटॉप ले कर हॉल में आ कर बैठ गया और गेम खेलने लगा !
लगभग एक बजे मिनी वापिस आई, बाजार से खरीदा हुए सामान अपने कमरे में रख कर वापिस हाल में आ कर बैठ गई ! जब काम वाली मिनी को पानी पिलाने के लिए आई तो उसने उसको को खाना परोसने को कह दिया और फिर हम दोनों ने एक साथ बैठ कर खाना खाया !
खाना खाकर मैं तो अपना लैपटॉप उठा कर अपने कमरे में चला गया और मिनी अपने कमरे में चली गई !
मैं अपने कमरे में जा कर अपने कपड़े उतार कर सिर्फ जांघिये में ही बैठ गया और मिनी के आने का इंतज़ार करने लगा। मुझे वह इंतज़ार का हर एक क्षण एक घंटे का लग रहा था। लगभग एक घंटे के बाद मुझे जिस की आशा थी वही हुआ !
मिनी गुस्से से मेरे कमरे में आई और मुझे पूछने लगी कि क्या मैंने उसके लैपटॉप को छुआ था तो मैंने साफ़ मना कर दिया।
वह कहने लगी कि किसी ने बहुत ही बेहूदी हरकत की थी और उसके लैपटॉप में गन्दी वीडियो की सीडी लोड कर दी !
मैंने जब उसे वह वीडियो दिखाने के लिए कहा तो वह थोड़ा झिझक गई ! मेरे बार बार कहने पर वह वीडियो दिखाने को राज़ी हो गई और अपने कमरे से अपना लैपटॉप ले आई और मुझे देकर कमरे से बाहर जाने लगी तो मैंने उसे पकड़ कर वहीं बिठा दिया और उसे कहा कि वह खुद ही उस वीडियो चला के दिखा दे, वर्ना बाद में तो यही कहेगी कि मैंने उसके लैपटॉप में कुछ कर दिया है !
मेरे जोर देने पर वह बैठ गई और वीडियो चला कर मुँह दूसरी ओर कर के बैठ गई। वीडियो देखने के बाद मैंने उसे बताया कि यह वीडियो तो उसी का है और उसके कमरे में ही बनाया हुआ है?
मैंने उसे कहा कि वह उस वीडियो को एक बार फिर देख ध्यान से देख ले। मिनी ने उस वीडियो को एक बार ध्यान से देख कर मेरी ओर थोड़ा असमंजस से देखने लगी। फिर थोड़ा झेंप कर कहा कि यह वीडियो तो उसी का है और उसी के कमरे में कल रात को ही बनाया गया लगता है।
मिनी की बात सुन कर मैंने झट से कह दिया- मुझे तो लगता है कि यह वीडियो तूने खुद ही बनाया है?
तो वह गुस्सा हो गई!
जब मैंने मिनी से पूछा कि क्या सच में वह ऐसे खेल भी खेलती है तो वह झेंप कर वहाँ से चली गई।
कुछ देर बाद अपनी झेंप मिटाने के बाद मिनी मेरे कमरे में वापिस आई और उस वीडियो का रहस्य जानने के लिए वह बिल्कुल मेरे पास आ कर बैठ गई और मेरी नंगी जांघों पर हाथ फेरते हुए पूछती रही कि क्या वह वीडियो रात को मैंने ही बनाया था! लगभग आधा घंटे तक मिनी को तंग करने के लिए मैं टालमटोल करता रहा और उसके बाद मैंने उसे रात वाली सारी बात विस्तार से बता दी! तब उसके पूछने पर कि ऐसा करते हुए क्या मुझे शर्म नहीं आई थी, तो मैंने जवाब में कह दिया कि ना तो मैं नंगा था और ना ही मैं बैंगन से खेल रहा था, इसलिए मुझे क्यों शर्म आनी थी!
मेरी यह बात सुन कर वह चुप हो गई और मुझे उस वीडियो को कैमरे से मिटाने को कहा।
यह सुन कर मैंने उसके सामने एक शर्त रख दी कि माँ और पापा के वापिस आने तक अगर वह मेरा सब कहा मानेगी तभी मैं उस वीडियो को कैमरे से मिटा दूँगा !
मेरी शर्त सुन कर वह पहले तो चुप रही लेकिन थोड़ी देर के बाद मेरा कहा मान गई और मुझसे पूछने लगी कि उसे क्या करना होगा !
उसकी हाँ सुन कर मुझे बहुत खुशी हुई और मैंने उसे कह दिया कि मैं उसे अपने सामने बिल्कुल नंगा देखना चाहता था ! वह पांच मिनट तक मिनी वहीं खड़ी खड़ी कुछ सोचती रही और फिर कहा कि उसे शर्म आ रही थी और वह चाहती थी कि मैं खुद ही उसके कपड़े उतार दूँ !
तब मैंने आगे बढ़ कर पहले उसकी कमीज़ और सलवार उतार दी और उसके बाद उसकी ब्रा और पैंटी के ऊपर से ही उसके गुप्तांगों को अच्छी तरह मसल दिया। फिर मैंने उसकी ब्रा उतार दी और उसके मम्मों को दबाने लगा। उसने इस पर जब एतराज़ किया तो मैंने उसे शर्त की याद दिलाई तो वह चुपचाप जैसा मैं कहता वैसा ही करती रही।
फिर मैंने मिनी को अपनी गोद में बिठाया और दस मिनट तक उसके मम्मे चूसे तथा उसकी चूचुक को अंगूठे और उंगली के बीच में ले कर मसलता रहा। इसके बाद मैंने मिनी को बिस्तर पर लिटा दिया, उसके होंटों को चूमता तथा चूसता रहा और वह चुपचाप लेटी मेरे चुम्बनों का सकारात्मक उत्तर देती रही।
कुछ देर उसके मखमली बदन को मसलने के बाद मैंने उसकी गीली पैंटी उतार दी और उसकी प्यारी चूत पर हाथ फेरने लगा। तब मैंने मिनी से पूछा कि अब उसे शर्म क्यों नहीं आ रही थी, तो उसने कहा कि मैं रात को भी और वीडियो में भी उसे ऐसी ही हालात में देख ही चुका था, इसलिए अब वह कैसी शर्म करे !
थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी टाँगें चौड़ी की और उसकी चूत पर अपना मुँह रख दिया। मैं उसकी चूत में जीभ डाल कर अंदर बाहर करने लगा, उसकी चूत के होंटों को चूसता रहा और उसके भग-शिश्न को जीभ से रगड़ता रहा। वह सी.. सी.. अंहह्ह्ह… अंहह्ह्ह… करती रही और देखते ही देखते उसकी चूत का पानी छूट गया, मैंने वो सारा पानी पी लिया और उसकी चूत को भी चाट चाट कर साफ़ कर दिया !
इतनी प्यारी चूत को चूसने के कारण मेरा लौड़ा तन कर फौलाद का हो गया था इसलिए मैंने अपने जांघिये को उतार दिया और तना हुआ लौड़ा मिनी के हाथ में दे दिया। मिनी कुछ देर मेरे साढ़े सात इंच लंबे और दो इंच मोटा लौड़े तथा ढाई इंच मोटे टट्टों को अपने हाथों में पकड़ कर मसलती रही, फिर मेरे अनुरोध करने पर उसने मेरे लौड़े को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और अगले दस मिनट तक वह मेरे लौड़े को बहुत ही प्यार से चूसती रही तथा मुझे इतना उत्तेजित कर दिया कि मेरा कुछ वीर्य उसके मुँह में ही छूट गया ! मिनी ने बड़े चाव के साथ मेरा वह वीर्य पी लिया और फिर मेरे लौड़े को चाट चाट कर चमका दिया। अब हम दोनों ठण्डे पड़ गए थे इसलिए मैंने मिनी को अपनी बाहों में भर कर उसे अपने पास लिटा लिया और उसके होंटों पर अपने होंट रख दिए। हम दोनों एक दूसरे के होंटों को चूसते रहे, अपनी अपनी जीभ को एक दूसरे के मुँह ने घुमाते और चूसते रहे!
पांच मिन्ट के बाद हम अलग हुए और सेक्स के बारे में बातें करने लगे। जब मैंने मिनी से पूछा कि उसने पहले भी कोई लौड़ा देखा है तो उसने बताया कि डॉक्टरी की पढ़ाई में तो उसने बहुत से लौड़े देखे थे।
मैंने पूछा कि मेरा लौड़ा कैसा लगा तो उसने कहा कि सामान्य से लंबा है, मोटा है और ताकतवर भी लगता है लेकिन जब तक इसका प्रदर्शन नहीं देख लेगी तब तक कुछ नहीं कह सकती थी। मेरे पूछने पर कि क्या उसने कभी किसी के साथ संभोग किया, तब उसने कहा कि चुदाई तो नहीं की थी लेकिन लौड़े जरूर चूसे थे और उसमें से निकला हुआ वीर्य भी पिया था।
फिर मैंने पूछने पर कि मेरे वीर्य और दूसरों के वीर्य के स्वाद में क्या अंतर था तो उसने बताया कि मेरा वीर्य गाढ़ा है कुछ ज्यादा नमकीन और थोड़ा खट-मीठा है !
जब मिनी ने अपनी चूत के पानी का स्वाद के बारे में पूछा तो मैंने बता दिया कि नमकीन था लेकिन अच्छा लगा तभी तो पी गया था।
इसके बाद मिनी ने मुझसे पूछा कि मैंने पहले किसी की चूत देखी है तो मैंने बताया कि इंटरनेट के इलावा दो माह पहले माँ की चूत देखी थी !
उसके बार बार पूछने पर मैंने बताया कि एक दिन जब मैं अचानक माँ के कमरे में गया था तो देखा था कि माँ अपनी चूत के बाल साफ़ कर रही थी और मैंने उसकी वीडियो भी बना ली थी। जब मिनी ने वह वीडियो देखने के लिए बहुत अनुरोध किया तब मैंने वह वाली सीडी निकाल कर लैपटॉप पर लगा दी और हम दोनों उसे देखने लगे।
माँ की चूत पर से काले बाल साफ़ होने के बाद वह बिल्कुल सफ़ेद और चिकनी हो गई थी जिसे देख कर मेरा लौड़ा एकदम खड़ा हो गया। मिनी की चूत भी गीली हो गई थी और वह उसे खुजाने लगी थी। विडियो के अंत होने तक मिनी को तो बहुत ही जोश आ गया और वह मेरा लौड़ा पकड़ कर हिलाने लगी, मैं भी मिनी के मम्मों और चुचुकों को मसलने लगा था और उसकी चूत में उंगली करने लगा।
कुछ ही देर में हम दोनों उत्तेजना की चरम सीमा पर पहुँच गए तो मैंने मिनी तो बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी टाँगें उठा कर अपने कंधे पर रख ली और उसकी चूत के होंटों को फैला कर अपने लौड़े का सुपारा उनके बीच में रख दिया। मेरे लौड़े के सुपारे का स्पर्श अपनी चूत पर महसूस करते ही मुझे लगा कि मिनी के सारे बदन में बिजली सी कौंध गई थी और उसके शरीर में सनसनी सी होने लगी थी !
मेरे लंबे, मोटे और दमदार लौड़े का मिनी की चूत के होंठों से छूने भर से ही जैसे वह जोश में आ गई थे और चुदने के लिए उसने अपने चूतड़ ऊपर उठा दिये ! उसकी उठी हुई चूत को निशाना लगा कर मैंने एक जोरदार धक्का मारा तो वह दर्द के मारे चिल्ला उठी क्योकि इस धक्के से मेरे लौड़े का ढाई इंच मोटा सुपारा एक झटके से उसकी संकरी सी चूत में घुस गया था! वह चिल्लाई और दर्द से तड़प उठी थी, उसकी चूत में से खून भी निकलने लगा था !
इससे पहले कि मिनी अपने आप को संभाल पाती, मैंने एक जोरदार धक्का और लगा दिया तथा अपना आधा लौड़ा मिनी की चूत में घुसेड़ दिया !
उसने एक बहुत ही जोर से चीख मारी और दर्द के मारे तड़पने लगी थी, उसके चेहरे पर पसीना आ गया था, उसकी आँखों में से आँसू निकल पड़े थे। जब मैंने मिनी से उसके रोने का कारण पूछा तो उसने बताया कि वह पहली बार चुद रही थी और मैंने इतनी जोर से धक्का मार कर उसकी चूत ही फाड़ दी थी इसलिए वह रोये नहीं तो क्या करे !
पांच मिनट तक वह चीखती, चिल्लाती और रोती रही थी, लेकिन कुछ देर के बाद वह थोड़ी शांत हो गई और मेरे पूछने पर कि अब दर्द कम हुआ, तब उसने कह दिया कि अब वह ठीक है और मैं बाकी का लौड़ा उसकी चूत में डाल सकता हूँ !
यह सुन कर मैंने लौड़े को थोड़ा सा बाहर निकला और एक जोरदार धक्का लगा कर अपने पूरा लौड़ा उसकी चूत में फिट कर दिया। मिनी दर्द के मारे बहुत जोर से चिल्लाई और हाथ पैर पटक कर तड़पने लगी, उसका सारा बदन पसीने से नहा गया था, उसकी आँखों में से आँसुओं की धारा बह निकली थी। कुछ देर के लिए मैं उसी तरह उसके ऊपर लेट गया और उसके शांत होने का इंतज़ार करने लगा !
पांच मिनट के बाद मैंने थोड़ा ऊपर हो कर मिनी के मम्मों और चुचूक को चूसना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से उसकी चूत में हलचल होने लगी थी और वह गीली भी होने लगी थी।
तब मिनी ने बताया के उसका दर्द अब कम होने लगा था और मैं चुदाई की क्रिया को आगे बढ़ा सकता हूँ !
मैंने लौड़े को चूत में पांच-छह बार आहिस्ता आहिस्ता अंदर बाहर किया और फिर तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए और पांच मिनट में ही उसकी चूत के पानी की पहली किश्त निकल गई ! मिनी को भी अब आनन्द आने लगा था इसलिए वह मेरे धक्कों का उछल उछल कर ज़वाब देने लगी थी। अगले दस मिनट में उसकी चूत ने पानी की तीन किश्तें और निकाल दी तथा उसके अंदर की आग को और बढ़ा दिया!
मिनी उंहह्ह्ह… उंहह… अह्ह… अह्हह… करते हुए मुझे बताया कि उसके अंदर की आग धूं धूं कर के भड़क उठी थी और अब उसको बुझाने के लिए मुझे उस पर बौछार कर देनी चाहिए थी ! यह सुन कर मैंने अपनी रफ़्तार बहुत ही तेज कर दी, हम दोनों की साँसें फूलने लगी और पसीने से नहा गए थे ! अगले पाँच मिनट में जैसे ही उसकी चूत दूसरी बार सिकुड़ी तभी मेरा लौड़ा भी फूल गया !
इधर मिनी की चूत ने मेरे लौड़े को जैसे ही कस के जकड़ा और अंदर की ओर खींचा तो उसमें वीर्य की बौछारें निकली और उधर उसकी चूत के अंदर से भी पानी की बाढ़ छूटी !
इस आनन्दमयी क्षण में मेरी और मिनी की दुश्मनी समाप्त हो गई तथा हम दोनों के बीच में अटूट प्रेम की नींव रख दी गई थी !
मैंने अपने लौड़े को मिनी की चूत में ही रहने दिया और निढाल हो कर उसके ऊपर ही लेट गया। अब मिनी भी शीतल पड़ गई थी और मेरे होंटों और चेहरे को बार बार चूमती रही !
बीस मिनट ऐसे ही लेटे रहने के बाद मिनी के कहने पर मैं उसके मम्मों और चूचुकों चूसने लगा ! तब उसकी चूत में हलचल होने लगी और मेरे लौड़े का आलस्य भी दूर हो गया और वह चूत के अंदर ही तन गया ! मिनी ने अपने चूत को सिकोड़ कर मेरे लौड़े की कठोरता को परखा और मुझे एक बार फिर उसे चोदने का आग्रह करने लगी।
यह सुन कर मैं आहिस्ता आहिस्ता लौड़े को चूत के अंदर बाहर करने लगा। लगभग पांच मिनट वैसे ही चुदने के बाद मिनी ने तेज़ी से चुदाई करने को कहा !
उसकी बात मान कर मैं तेज़ी से धक्के मारने लगा जिसकी वजह उसके चूत सिकुड़ कर मेरे लौड़े से चिपक गई थी और मेरे लौड़े को भरपूर रगड़ लगाने लगी थी !
दस मिनट की तेज़ चुदाई के कारण मिनी की चूत में से तीन बार पानी की लहरें छूटीं ! मिनी को शायद संतुष्टि नहीं मिल रही थी इसलिए वह बार बार तेज़, बहुत तेज धक्के देने को कहती रही ! मैं मिनी की बात मान कर बहुत तेज धक्के लगाने लगा जिसकी वजह से उसकी चूत तेज़ी से सिकुड़ने लगी और मेरा लौड़ा फड़कने लगा। पाँच मिनट के बाद देखते ही देखते मिनी चूत एकदम से सिकुड़ गई और उसका बदन भी अकड़ गया तथा मेरा लौड़ा भी फूल गया और मेरा बदन भी ऐंठ गया !
हम दोनों एक साथ ही छूट गए और मिनी की चूत में उसका पानी और मेरे वीर्य का अमृतरस घुल गया। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।
मिनी और मैं पसीने से सरोबार एक दूसरे से चिपके हुए हांफ रहे थे ! हमारे बदन की अकड़ और ऐंठ समाप्त हो गई थी, मिनी की चूत ढीली पड़ गई थी तथा मेरा लौड़ा निढाल हो गया था ! कुछ समय के बाद मैंने अपना लौड़ा, जो मिनी की चूत में लगभग एक घंटा पहले घुसेड़ा था, को बाहर निकाला तो मिनी ने लपक के उसे पकड़ लिया और मुँह में लेकर चूस और चाट कर साफ़ कर दिया। फिर मिनी के आग्रह पर मैंने उसकी चूत को चूस तथा चाट कर साफ़ कर दिया।
शाम के पाँच बज चुके थे इसलिए हम दोनों उठ कर बाथरूम में गए और एक साथ स्नान कर तथा तैयार हो कर चाय पी और बाहर घूमने निकल गए ! दो घंटे घूमने के बाद हम दोनों आठ बजे घर पहुँचे तब मिनी ने कामवाली को रात का खाना बना कर मेज़ पर लगाने को कहा और अपने कमरे में चली गई !